नई दिल्ली: भारत में आपातकाल के लागू होने के 50 साल पूरे होने के मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आपातकाल एक परिवार के हितों की वजह से लागू किया गया था, न कि देश की भलाई के लिए। जयशंकर ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए फिल्म “किस्सा कुर्सी का” का हवाला दिया और कहा कि यह फिल्म आपातकाल के पीछे की असल वजह को अच्छे से समझाती है।
यह सब एक परिवार की वजह से हुआ: जयशंकर
जयशंकर ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) द्वारा आयोजित एक मॉक संसद के उद्घाटन सत्र में यह बात कही। उन्होंने कहा, “यह सब एक परिवार की वजह से हुआ… ‘किस्सा कुर्सी का’ नाम की एक फिल्म है और यह तीन शब्द आपातकाल की असल वजह को समझाते हैं। जब एक परिवार को राष्ट्र से ऊपर माना जाता है, तो ऐसी स्थिति पैदा होती है।”
विपक्षी पक्ष पूरी तरह खाली, ज्यादातर नेता जेल में थे
जयशंकर ने बताया कि आपातकाल के दौरान संसद का विपक्षी पक्ष पूरी तरह खाली था क्योंकि ज्यादातर नेता जेल में थे। वे खुद उस समय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र थे। उन्होंने कहा कि आपातकाल से सबसे बड़ी सीख यह है कि “अपनी स्वतंत्रता को कभी हल्के में न लें”।
जयशंकर ने आगे कहा, “आपातकाल की पूरी कवायद का उद्देश्य देश और समाज का मनोबल तोड़ना था। इस दौरान केवल राजनीति से जुड़े लोग ही नहीं, बल्कि आम लोग भी प्रभावित हुए। जो लोग राजनीति में थे, वे जानते थे कि राजनीति करने का मतलब है गिरफ्तारी। जिनका गिरफ्तारी हुआ, उन्हें यह भी नहीं पता था कि उन्हें कब और कैसे रिहा किया जाएगा।”
महंगाई चरम पर, भ्रष्टाचार बढ़ गया था
उन्होंने 1971 के चुनाव और उसके बाद की स्थिति का भी जिक्र किया। जयशंकर ने बताया कि उस समय सरकार की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई थी, महंगाई चरम पर थी और भ्रष्टाचार बढ़ गया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ दो आरोप लगाए थे, जिसके बाद आपातकाल लागू किया गया।
48 अध्यादेश पारित किए गए
इसके बाद, जयशंकर ने आपातकाल के दौरान किए गए महत्वपूर्ण संशोधनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान 48 अध्यादेश पारित किए गए और बाद में 5 संशोधन किए गए थे। उनमें से तीन खास थे:
-38वां संशोधन आपातकाल की घोषणा को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती थी।
-39वां संशोधन प्रधानमंत्री के चुनाव को अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती थी।
-42वां संशोधन मौलिक अधिकारों को कमजोर किया गया और अदालतों की शक्तियों को कम किया गया।
जयशंकर ने कहा कि आपातकाल 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच लागू किया गया था और इसका उद्देश्य सिर्फ सत्ता को बनाए रखना था, न कि देश की भलाई।
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