नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजैंसी (एनआईए) ने पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक पुलिस थाने पर दिसंबर, 2024 में ‘बब्बर खालसा इंटरनैशनल’ (बीकेआई) के आतंकवादियों द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले से जुड़े एक मामले में 7 लोगों को आरोपी बनाया है जिनमें से 3 फरार हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला में घनी के बांगर पुलिस थाने पर हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर बीकेआई के सदस्य हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी पसिया और गुरप्रीत उर्फ गोपी ने ली थी।
फरार आरोपियों में अमरीका में रहने वाला पासिया, पाकिस्तान में रहने वाला आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा और शमशेर सिंह उर्फ शेरा शामिल हैं, जिनके खिलाफ एनआईए ने वीरवार को मोहाली की एक अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। एनआईए की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, आतंकवाद विरोधी एजैंसी द्वारा आरोपी 4 गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलजीत सिंह, अभिजोत सिंह, गुरजिंदर सिंह और शुभम के रूप में हुई है, जो कि पंजाब के बटाला के किला लाल सिंह गांव के निवासी हैं।
इसमें कहा गया है कि सभी 7 आरोपियों पर 12 दिसंबर, 2024 को हुए हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में उनकी भूमिका के लिए गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है।
जांच एजैंसी ने बताया कि इस साल 23 मार्च को मामले को अपने हाथ में लेने वाली एनआईए ने जांच के दौरान पाया कि रिंदा के कहने पर हैप्पी पसिया ने आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए आर्मेनिया में अपने सहयोगी शमशेर सिंह के जरिए अभिजोत सिंह को भर्ती किया था।
अभिजोत को चंडीगढ़ के सैक्टर 10 में लक्षित शूटिंग से संबंधित एक अलग मामले में भी एनआईए ने गिरफ्तार किया है। आर्मेनिया से लौटने के बाद अभिजोत अपने विदेशी आकाओं के निर्देश पर हथियार /विस्फोटक को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के काम में जुट गया। उसने कुलजीत सिंह और अन्य सह-आरोपियों की भर्ती करके अपने गिरोह का विस्तार किया था। 9 दिसंबर, 2024 को कुलजीत ने पुलिस थाना घनी के बांगर पर हमले के लिए ग्रेनेड लेकर गया था।
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