Mann Ki Baat EP123 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 123वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की महानता और इसकी वैश्विक स्वीकार्यता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘आप सभी को इस समय योग की ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की यादों से भर जाना चाहिए।’ प्रधानमंत्री ने लोगों को याद दिलाया कि 10 साल पहले जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह दिन वैश्विक चेतना और मानव कल्याण का इतना प्रभावी माध्यम बन जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हर साल यह आयोजन और भव्य होता जा रहा है, जो इस बात का संकेत है कि योग अब जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। इस बार योग दिवस की बेहद आकर्षक तस्वीरें देखने को मिली हैं।’
विशाखापत्तनम का जिक्र-
प्रधानमंत्री मोदी ने विशाखापत्तनम का खास तौर पर जिक्र किया और कहा कि वहां समुद्र तट पर तीन लाख लोगों ने एक साथ योग किया। उन्होंने कहा, ‘विशाखापत्तनम के समुद्र तट पर तीन लाख लोगों ने एक साथ योग किया। दो हजार से ज्यादा आदिवासी छात्रों ने 108 मिनट तक 108 सूर्य नमस्कार करके अनुशासन और समर्पण की मिसाल कायम की। नौसेना के जहाजों से लेकर हिमालय की चोटियों तक, हर जगह योग की गूंज सुनाई दी। दिल्ली के लोगों ने यमुना नदी के किनारे योग किया और योग को स्वच्छ यमुना की अवधारणा से जोड़ा। जम्मू-कश्मीर में चेनाब ब्रिज पर भी लोगों ने योग किया, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है।’
योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ-
हिमालय की बर्फीली चोटियों पर ITBP के जवानों द्वारा किए गए योग के बारे में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ITBP के जवानों ने हिमालय की ऊंचाइयों पर साहस और साधना का अद्भुत संगम दिखाया। गुजरात के वडनगर में 2,121 (इक्कीस सौ इक्कीस) लोगों ने एक साथ भुजंगासन करके नया रिकॉर्ड बनाया। न्यूयॉर्क, लंदन, टोक्यो, पेरिस जैसे दुनिया के बड़े शहरों से शांति, स्थिरता और संतुलन से भरी योग की तस्वीरें सामने आईं। इस साल की थीम थी योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ, जो वसुधैव कुटुंबकम की भावना को पुनर्जीवित करती है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि इस भव्य आयोजन से प्रेरित होकर अधिक से अधिक लोग योग को अपनाएंगे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...