
उत्तर प्रदेश डेस्क : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले की करछना तहसील के इसौटा गांव में हुए बवाल के बाद पुलिस आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। रविवार को कई लोगों ने यहां आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की थी। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को बवाल के बाद मौके पर 42 बाइक मिली हैं, जिनको जब्त किया गया है।
माना जा रहा है कि ये बाइक उन लोगों की है, जो बवाल करने आए थे। पुलिस के खदेड़ने पर ये लोग भाग निकले। फिलहाल इन मोटरसाइकिलों के नंबर की जांच की जा रही है, ताकि मालिक का पता लगाया जा सके। इसके बाद उन लोगों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। पुलिस के अनुसार फिलहाल 50-60 लोगों को चिह्नित किया गया है।
फोटो और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। 20 से अधिक लोगों को अरेस्ट किया गया है। मामले में आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद का पक्ष भी सामने आया है। आजाद ने कहा है कि बवाल करने वाले लोग उनकी पार्टी के वर्कर नहीं थे। उनके कार्यकर्ता तो सर्किट हाउस में मौजूद थे, जो वहां 8 घंटे तक शांति से बैठे रहे। इस उपद्रव के पीछे कोई साजिश हो सकती है।
बवाल के दौरान उपद्रवियों ने लगभग एक दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ की, जिनमें 3 गाड़ियां पुलिस की हैं। कई बाइक फूंकी गई हैं। पथराव के दौरान कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को चोटें लगी हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
पुलिस ने रविवार को नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद को इसौटा गांव में जाने से रोक दिया था। वे एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे। इसके बाद हंगामा बढ़ता देख पुलिस उनको लेकर सर्किट हाउस आ गई थी। इसके बाद उनके लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी थी।