हाल ही में दक्षिण पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत की राजधानी खुनमिंग में संपन्न हुए 9वें चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो में भाग लेने के बाद श्रीलंका के व्यापार, वाणिज्य, खाद्य सुरक्षा और सहकारी विकास मंत्री वसंथा समरसिंघे ने कोलंबो लौटने पर शिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी को एक विशेष साक्षात्कार दिया। इस दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीन दक्षिण एशियाई देशों के साथ विकास के नए अवसरों को साझा कर रहा है और आपसी लाभ व उभय जीत वाले परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री समरसिंघे ने कहा कि चीन-दक्षिण एशिया एक्सपो ने आर्थिक विकास, वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार तथा तकनीकी परिवर्तन में चीन की प्रभावशाली उपलब्धियों को पूरी तरह से प्रदर्शित किया। उन्होंने बताया कि इस एक्सपो के थीम देश के रूप में, श्रीलंका चीन के साथ सहयोग को अत्यधिक महत्व देता है और चीन के विकास के अनुभवों से सीखने तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की आशा करता है।
समरसिंघे ने आगे कहा कि चीन ने अपने स्वयं के विकास को हासिल करते हुए उच्च स्तरीय खुलेपन को मजबूती से बढ़ावा दिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में निरंतर स्थिरता और निश्चितता आई है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दुनिया में कोई अन्य देश नहीं है जो चीन की तरह पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लिए इतने महत्वपूर्ण विकास के अवसर प्रदान करता हो।
साक्षात्कार में, समरसिंघे ने हाल ही में कोलंबो में आयोजित 8वीं चीन-श्रीलंका संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति की बैठक का विशेष उल्लेख किया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने औद्योगिक श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला सहयोग पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने बताया कि अनिश्चित अंतर्राष्ट्रीय स्थिति और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर वैश्विक औद्योगिक श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता, सुचारू संचालन और सुरक्षा बनाए रखने पर दोनों देशों की उच्च आम सहमति को दर्शाता है। उनका मानना है कि चीन के साथ औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं के बीच संबंध को गहरा करने से श्रीलंका को क्षमता निर्माण में मदद मिलेगी और प्रौद्योगिकी, रोजगार और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण विकास के अवसर पैदा होंगे।
अंत में, मंत्री समरसिंघे ने कहा कि श्रीलंका और चीन के बीच पारंपरिक मित्रता का एक लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने दोहराया कि श्रीलंका दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक व व्यापारिक सहयोग का विस्तार करना जारी रखना चाहता है, सभी स्तरों पर आदान-प्रदान को मजबूत करना चाहता है, चीन के उन्नत अनुभवों से सीखना चाहता है, और दोनों देशों के लोगों के लिए अधिक लाभ पैदा करना चाहता है।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
मेष: दिन शुभ रहेगा...