Last Updated: September 20, 2026

Dainik Savera Times Logo

स्वामी विवेकानंद की 123वीं पुण्यतिथि के मौके PM Modi ने किया नमन, बोले- उनके विचार हमारे लिए मार्गदर्शक

July 4, 2025

स्वामी विवेकानंद की 123वीं पुण्यतिथि के मौके PM Modi ने किया नमन, बोले- उनके विचार हमारे लिए मार्गदर्शक

Swami Vivekananda : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके विचारों को मार्गदर्शक बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर स्वामी विवेकानंद की 123वीं पुण्यतिथि पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, ‘मैं स्वामी विवेकानंद जी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उनके विचार और समाज के लिए उनका दृष्टिकोण हमारे लिए मार्गदर्शक प्रकाश है। उन्होंने हमारे इतिहास और सांस्कृतिक विरासत में गर्व और आत्मविश्वास की भावना पैदा की। उन्होंने सेवा और करुणा के मार्ग पर चलने पर भी जोर दिया।’

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार सुबह यह पोस्ट किया था। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में नरेंद्रनाथ दत्त के रूप में हुआ था। श्री रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बनने के बाद उन्होंने अध्यात्म और समाज सेवा के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया।

स्वामी विवेकानंद ने हमें सिखाया कि हमारी सांस्कृतिक विरासत हमारी ताकत है, और इसे गर्व के साथ अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने मानवता की सेवा को जीवन का अंतिम लक्ष्य बताया। उनकी शिक्षाएँ आज भी हमें एकता, करुणा और स्वावलंबन का पाठ पढ़ाती हैं।

1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में स्वामी जी के ऐतिहासिक भाषण ने भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म की महिमा को विश्व पटल पर प्रस्तुत किया। उनके भाषण ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में लोगों को प्रभावित किया। स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जो आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और मानव सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने भारतीय युवाओं को आत्मविश्वास और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया। उनका कथन, ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए’, आज भी लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने धर्म को केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं माना, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में इसके प्रयोग की वकालत की। उनके लिए सेवा और करुणा ही सच्चे धर्म का आधार थे।

उनके विचारों ने भारतीय समाज में राष्ट्रवाद की भावना को मजबूत किया और युवाओं को देश के पुनर्निर्माण के लिए प्रेरित किया। उनकी जयंती, 12 जनवरी, भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है, जो युवाओं की शक्ति में उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें