गिलिमानुक: इंडोनेशिया में एक बड़ी समुद्री त्रासदी के बाद बाली के निकट लापता हुए 30 लोगों की तलाश शुक्रवार को भी जारी रही। बुधवार देर रात ‘केएमपी टुनु प्रतामा जया’ नामक नौका पूर्वी जावा के केतापांग बंदरगाह से रवाना होने के कुछ ही समय बाद बाली के गिलिमानुक बंदरगाह के रास्ते में डूब गई। नौका पर कुल 53 यात्री, चालक दल के 12 सदस्य, 14 ट्रक समेत कुल 22 वाहन सवार थे।
-खराब मौसम से बाधित हुआ अभियान
राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी (BASARNAS) के अनुसार, गुरुवार शाम खराब मौसम और दृश्यता की कमी के कारण राहत अभियान रोकना पड़ा था। हालांकि शुक्रवार सुबह से अभियान फिर शुरू कर दिया गया, जिसमें 160 से अधिक कर्मी, तीन हेलीकॉप्टर, एक ड्रोन और 20 से अधिक पोतों की मदद ली जा रही है। बचाव कार्य में नौसेना के तीन पोत भी लगाए गए हैं क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरों और संभावित तूफान की चेतावनी जारी की गई है।
-अब तक 29 लोग सुरक्षित, 6 की मौत की पुष्टि
अधिकारियों ने बताया कि अब तक 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है जबकि छह शव बरामद किए गए हैं। शेष 30 लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। बचाव दल हरसंभव कोशिश कर रहा है कि बचे हुए लोगों को जल्द से जल्द खोजा जा सके। हालांकि, बढ़ती समुद्री लहरें और मौसम की खराबी के कारण चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, नौका के इंजन कक्ष में रिसाव हो सकता है। यही वह स्थान था जहां 22 वाहन रखे गए थे। कुछ जीवित बचे लोगों ने बताया कि दुर्घटना से कुछ देर पहले ही नौका में असामान्य कंपन और पानी भरने की शिकायतें शुरू हो गई थीं।
-जांच के आदेश, सुरक्षा पर सवाल
सरकारी एजेंसियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा न केवल तकनीकी चूक की ओर इशारा करता है, बल्कि समुद्री सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर उन यात्राओं में जहां भारी वाहन और बड़ी संख्या में लोग एक साथ यात्रा कर रहे हों। इंडोनेशिया एक द्वीप समूह है जहां नौकाओं पर यात्रा आम बात है, लेकिन आए दिन घटने वाली समुद्री घटनाएं यहां की परिवहन सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।
-स्थानीय समुदायों में शोक और चिंता
हादसे की खबर से बाली और पूर्वी जावा में शोक की लहर है। कई परिवारों को अब भी अपने प्रियजनों की तलाश है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार मदद और जानकारी की मांग कर रहे हैं।