Last Updated: September 20, 2026

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अब लेखपाल नहीं, SDM करेंगे राजस्व मामलों की जांच… शिकायतों के बाद CM योगी का बड़ा फैसला

July 5, 2025

अब लेखपाल नहीं, SDM करेंगे राजस्व मामलों की जांच… शिकायतों के बाद CM योगी का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश डेस्क : उत्तर प्रदेश सरकार ने जनता की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए राजस्व मामलों की जांच प्रणाली में अहम बदलाव किया है। अब लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम नहीं माना जाएगा। सरकार ने फैसला लिया है कि अब राजस्व मामलों की जांच नायब तहसीलदार (Naib Tehsildar) करेंगे। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…

अब लेखपाल नहीं, नायब तहसीलदार करेंगे जांच

आपको बता दें कि पहले, जमीन विवाद, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वारासत आदि जैसे राजस्व मामलों की प्रारंभिक जांच लेखपाल किया करते थे। लेकिन अब सरकार ने यह जिम्मेदारी लेखपाल से हटाकर नायब तहसीलदार को सौंप दी है। इसका मतलब है कि अब कोई भी राजस्व संबंधी शिकायत लेखपाल नहीं, बल्कि नायब तहसीलदार की निगरानी में जांची जाएगी।

‘जनता दर्शन’ के दौरान कई लोगों ने की थी शिकायत

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में ‘जनता दर्शन’ के दौरान कई लोगों ने शिकायतें की थीं कि लेखपाल निष्पक्ष जांच नहीं करते, पक्षपात करते हैं या रिश्वत मांगते हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने यह बदलाव लागू किया है। इससे आम जनता को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का भरोसा मिलेगा।

अपर मुख्य सचिव S.P. गोयल के निर्देश

राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों (Commissioners) और जिलाधिकारियों (District Magistrates) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अब नायब तहसीलदार से नीचे का कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। नायब तहसीलदार को शिकायतकर्ता की बात सुनने के बाद ही रिपोर्ट देनी होगी। उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राजस्व मामलों में भ्रष्टाचार कम होगा। लेखपालों पर अक्सर पक्षपात और रिश्वतखोरी के आरोप लगते रहे हैं, जिससे आम लोगों को न्याय नहीं मिल पाता था। अब उच्च स्तर के अधिकारी जांच करेंगे, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और फैसला निष्पक्ष होगा।

जनता को न्याय और पारदर्शी प्रशासन

सरकार का यह कदम दिखाता है कि वह जनता की शिकायतों को गंभीरता से ले रही है। अब किसी एक अधिकारी की रिपोर्ट से नहीं, बल्कि सुनवाई के आधार पर न्याय मिलेगा। इससे शिकायतकर्ता को यह भरोसा मिलेगा कि उसकी समस्या को सही तरीके से सुना और समझा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला राजस्व व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर भरोसा भी बढ़ेगा।

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