नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने वर्ली में संयुक्त रैली की। इस रैली से पहले शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आना मराठी लोगों के लिए एक नई दिशा तय करेगा।
संजय राउत ने संवाददाताओं से कहा, “यह महाराष्ट्र के लिए एक उत्सव जैसा दिन है। जो दो नेता राजनीतिक मतभेदों की वजह से अलग हो गए थे, वे आज 20 साल बाद फिर से एक मंच पर आ रहे हैं। यह सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि मराठी अस्मिता की जीत है।” उन्होंने कहा कि यह हमेशा से इच्छा रही है कि महाराष्ट्र के खिलाफ काम करने वालों से मिलकर लड़ा जाए। राज और उद्धव का साथ आना मराठी जनता को मजबूती देगा।
16 अप्रैल और 17 जून को महाराष्ट्र सरकार ने आदेश जारी कर कहा था कि कक्षा 1 से 5 तक के सभी स्कूलों में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाया जाएगा। इस फैसले का राज्य भर में विरोध हुआ, खासकर मराठी भाषी समुदाय और मनसे-शिवसेना (यूबीटी) की ओर से। लोगों के विरोध और दबाव के बाद सरकार ने यह फैसला वापस ले लिया। अब सरकार ने तीन-भाषा नीति पर पुनर्विचार के लिए एक समिति बनाने की बात कही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मराठी भाषा पर गर्व करना सही है, लेकिन अगर कोई इसका दुरुपयोग कर हिंसा करता है, तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी। फडणवीस ने कहा, “कोई अगर भाषा के नाम पर लोगों की पिटाई करता है या डराता है, तो यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। पुलिस ने पहले भी इस तरह की घटनाओं पर FIR दर्ज की है, और आगे भी ऐसा हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”