इंटरनेशनल डेस्क : इजरायल के साथ जारी जंग में अमेरिका ने भी ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था। इस दौरान अमेरिका ने अपने विशेष खतरनाक लड़ाकू जहाज बी-2 बॉम्बर से हमला किया था। बता दें कि इस अमेरिकी फाइटर जेट को ‘घोस्ट ऑफ द स्काई’ यानी आसमान का भूत के नाम से भी जाना जाता है। अब इस घातक विमान को लेकर एक बड़ी बात दुनिया के सामने आ रही है।
बताया जा रहा है कि जितने बॉम्बर विमानों के बेड़े ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया था, उनमें एक जहाज अभी तक अपने बेस पर नहीं पहुंच पाया है। इसके बाद दुनियाभर में चर्चा चल रही है कि आखिर ट्रंप का ये घातक विमान कहां चला गया। आखिर ये एकदम आसमान से कैसे गायब हो गया? माना जाता है कि यह विमान फिलहाल किसी भी एडवांस सिस्टम या रडार की पकड़ से बाहर है।
इसलिए इसे पकड़ना या तबाह करना तो दूर की बात है, इसे देखना तक पॉसिबल नहीं। परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका के विमान के बारे में सनसनीखेज दावों को हवा मिली है। ईरान पर हमले को लेकर अमेरिका ने ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ लॉन्च किया था। अब रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिकी जेट फाइटर मिशन को पूरा करने के बाद नहीं लौट सका है।
The B-2 was developed by the US during the Cold War as a nuclear-capable stealth bomber able to slip past the Soviet Union’s thousands of radar stations and avoid that country’s formidable fleet of thousands more interceptor jets and surface-to-air missiles.
The B-2’s “flying… pic.twitter.com/jWue24nqzB— Victoria 🇺🇸⏳🗽🚔 (@Loveof1776) June 28, 2025
तमाम चर्चाओं के बीच दावा किया जा रहा है कि ये बॉम्बर हवाई के डैनिएल स्थित इनोए इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा है। हमले के बाद इस बॉम्बर जेट को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। इसके बाद से ये स्टील्थ बॉम्बर वहीं फंसा हुआ है। माना जा रहा है कि यह विमान जल्द अपने बेस पर लौट सकता है।
ईरान अटैक के बाद गायब हुए इस विमान को अब तक का दुनिया सबसे घातक फाइटर जेट माना जाता है। इसे अमेरिकी बाहुबली कहा जाए तो भी गलत नहीं होगा। इसी विमान के जरिए अमेरिका ने ईरान के ऊपर बंकर बस्टर बम से अटैक किया था। रिपोर्ट के मुताबिक हमला 2 ग्रुप्स में किया गया था। एक ग्रुप का मकसद ईरान को चकमा देना और दूसरे का मकसद हमला करना था।
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