
इस वर्ष चीन और यूरोपीय संघ के बीच राजनयिक सम्बंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है और चीन-यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच मुलाकात आयोजित होने वाली है। इस पृष्ठभूमि में, चीन और यूरोप के बीच हाल ही में हुई उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और आवाजाही ने बहुत ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में चीन-यूरोपीय संघ उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता का 13वां दौर बेल्जियम के ब्रुसेल्स में आयोजित हुआ।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य, विदेश मंत्री वांग यी ने प्रमुख यूरोपीय संघ के नेताओं से मुलाकात की और जर्मनी और फ्रांस की यात्रा की। चीन ने जोर देकर कहा कि चीन-यूरोपीय संघ सम्बंधों के विकास इतिहास से पता चलता है कि दोनों पक्षों के बीच सम्बंध विरोधियों के बजाय साझेदारों के रूप में स्थित हैं, जिसमें सहयोग मुख्य विषय और आधार है, और चीन और यूरोप से दुनिया के लिए दुर्लभ निश्चितता प्रदान करने का आह्वान भी किया। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा और अन्य सदस्यों ने कहा कि यूरोपीय संघ चीन के साथ एक-दूसरे का सम्मान करने, मतभेदों को दूर करने, समझ बढ़ाने, नेताओं के बीच नए बैठक की तैयारी करने को तैयार है, ताकि और अधिक रचनात्मक यूरोपीय संघ-चीन सम्बंध विकसित किया जा सके।
पेइचिंग विदेशी अध्ययन विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय एवं वैश्विक प्रशासन संस्थान के प्रोफेसर छ्वेई होंजियान ने कहा कि यह वर्ष चीन-यूरोपीय संघ सम्बंधों के लिए एक विशेष वर्ष है, और दोनों पक्षों को अपने सहयोग में अवसरों और नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चीन और यूरोप संस्थागत संवाद के माध्यम से स्पष्ट परामर्श करने में सक्षम हैं, जो द्विपक्षीय सम्बंधों की लचीलेपन को प्रदर्शित करता है। इससे यह भी पता चलता है कि वे होने वाली नेताओं के बीच बैठक को अच्छी तरह से आयोजित करने तथा महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रयास करने के इच्छुक हैं तथा उनमें आम सहमति है।
पिछली आधी सदी में चीन-यूरोपीय संघ सम्बंधों का विकास आम तौर पर स्थिर रहा है। सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारों के रूप में, दोनों पक्षों ने रणनीति, अर्थव्यवस्था और व्यापार, डिजिटल, पर्यावरण और जलवायु, तथा संस्कृति में पांच उच्च-स्तरीय वार्ताएं और 70 से अधिक संवाद तंत्र स्थापित किए हैं। “दो प्रमुख ताकतें, दो प्रमुख बाजार, दो प्रमुख सभ्यताएं”- चीन-यूरोपीय संघ सम्बंधों की स्थिति का मतलब है कि आदान-प्रदान और सहयोग से न केवल दोनों पक्षों को लाभ होगा, बल्कि दुनिया को भी लाभ होगा।
आर्थिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से चीन और यूरोप इस समय कुछ कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। वास्तव में, चीन-यूरोपीय संघ व्यापार मतभेदों को हल करने के प्रति चीन का रवैया सकारात्मक और ईमानदार है। चीन का मानना है कि आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्रों में चीन और यूरोप के बीच मजबूत पूरकता है। चीन बाहरी दुनिया के लिए अपने दरवाजे खोलने के साथ-साथ दोनों पक्षों के बीच व्यावहारिक सहयोग की बहुत व्यापक गुंजाइश है। स्वस्थ और स्थिर चीन-यूरोपीय संघ सम्बंध न केवल दोनों पक्षों को लाभान्वित करेगा, बल्कि विश्व को भी रोशन करेगा। 50 वर्षों के बाद, आगामी चीन-यूरोपीय संघ नेताओं के बीच बैठक के अवसर पर चीन-यूरोपीय संघ सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी सम्बंध का नये विकास की उम्मीद होगी।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
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