Last Updated: October 15, 2026

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करोड़ों ठगे, अमेरिका भागी; 26 साल बाद चढ़ी CBI के हत्थे… कौन है मोनिका कपूर?

July 9, 2025

करोड़ों ठगे, अमेरिका भागी; 26 साल बाद चढ़ी CBI के हत्थे… कौन है मोनिका कपूर?

नेशनल डेस्क: 26 साल से फरार कथित आर्थिक अपराधी मोनिका कपूर अब सीबीआई की गिरफ्त में आ गई है। उसको अमेरिका से हिरासत में लिया गया है। बुधवार रात तक सीबीआई आरोपी महिला को भारत ले आएगी। भारतीय एजेंसियों को लिए मोनिका को वापस लाया जाना बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम मोनिका को लेकर अमेरिकी एयरलाइंस की फ्लाइट से भारत रवाना हो चुकी है। बता दें कि न्यूयॉर्क में यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट) का कार्यालय है, जिसने भारत और यूएस के बीच द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत मोनिका को सौंपे जाने की मंजूरी प्रदान की थी।

मोनिका ने किया था विरोध

हालांकि मोनिका कपूर ने गुहार लगाई थी कि अगर उसे भारत को सौंपा गया तो प्रताड़ित किया जाएगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने उसका दावा खारिज कर दिया था। मोनिका कपूर के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोप हैं, जो 1999 में अमेरिका फरार हो गई थी।

राजस्व को लगाया गया चूना

आरोप है कि मोनिका ने भारत में रहते हुए ज्वेलरी व्यवसाय के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इसमें उसके दो भाई भी शामिल थे। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कच्चे माल के शुल्क मुक्त आयात के पंजीकरण के लिए किया गया था। इससे राजस्व विभाग को कथित तौर पर 6.79 लाख अमेरिकी डॉलर (5.7 करोड़ रुपये) चूना लगाया गया।

भारत ने महिला के प्रत्यर्पण के लिए 2010 में अमेरिका से मदद मांगी थी। मोनिका कपूर दिल्ली में ओवरसीज के नाम से फर्म चलाती थी। इस काम में उसके भाई राजन खन्ना और राजीव खन्ना भी शामिल थे। ये लोग फर्जी शिपिंग बिल, एक्सपोर्ट दस्तावेज के सहारे ड्यूटी फ्री गोल्ड एक्सपोर्ट के लिए 6 लाइसेंस ले चुके थे।

मोनिका को घोषित किया था वॉन्टेड

इनकी कीमत लगभग 2.36 करोड़ रुपये थी। इसके बाद में ये लाइसेंस गुजरात की दीप एक्सपोर्ट्स कंपनी को बेचे गए थे। इस कंपनी ने फर्जी ढंग से ड्यूटी-फ्री सोना मंगवाया था, जिससे राजस्व को 1.44 करोड़ रुपये का चूना लगा।

सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद जांच की थी। इसके बाद 31 मार्च 2004 को मोनिका और उसके भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। दिल्ली के साकेत कोर्ट ने 20 दिसंबर 2017 को राजीव और राजन को दोषी करार दिया था। मोनिका फरार थी, जिसको 13 फरवरी 2006 को वॉन्टेड करार दिया गया था।

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