Last Updated: November 3, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘मुस्लिम बहुल इलाकों में न जाएं’, शुभेंदु अधिकारी के बयान पर टीएमसी ने जताई कड़ी आपत्ति

July 11, 2025

‘मुस्लिम बहुल इलाकों में न जाएं’, शुभेंदु अधिकारी के बयान पर टीएमसी ने जताई कड़ी आपत्ति

नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि मुस्लिम बहुल इलाकों में न जाएं, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने उनके इस बयान को “सांप्रदायिक उकसावे की सोची-समझी साजिश” बताया है।

घूमना है तो हिमाचल-उत्तराखंड जाइए: अधिकारी

 एक सभा में बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “जिन जगहों पर मुसलमानों की संख्या ज्यादा है, वहां मत जाइए। कश्मीर जाना है तो जम्मू जाइए। अगर घूमना ही है तो हिमाचल, उत्तराखंड या ओडिशा जाइए। अपनी और अपने परिवार की जान की सुरक्षा कीजिए।” उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में लोगों को धर्म पूछकर मारा जा रहा है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।

शुभेंदु का यह बयान ऐसे समय आया है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी और राज्य के लोगों से कश्मीर घूमने की अपील की थी। इसका मकसद यह था कि आतंकवाद से प्रभावित कश्मीर की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जाए और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए।

टीएमसी का तीखा जवाब

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “यह बयान आतंकवादियों को वही दे रहा है जो वे चाहते थे, डर फैलाना और कश्मीर की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना।” टीएमसी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ममता बनर्जी जहां कश्मीर को जोड़ने की बात कर रही हैं, वहीं बीजेपी नेता लोगों को अलगाव की सलाह दे रहे हैं। यह शर्मनाक है और पूरी तरह संविधान के खिलाफ है।” टीएमसी ने आगे यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी धर्मनिरपेक्षता’ शब्द को संविधान से हटाना चाहती है, और ऐसे बयानों से समाज में नफरत और विभाजन फैलाने की कोशिश की जा रही है।

हम भाजपा को देश को बांटने नहीं देंगे

शुभेंदु अधिकारी के बयान से बीजेपी की आलोचना और तेज हो गई है। विपक्ष इसे मुस्लिम विरोधी और विभाजनकारी राजनीति बता रहा है। टीएमसी ने साफ किया कि “हम भाजपा को देश को बांटने नहीं देंगे, न कश्मीर में, न बंगाल में, न कहीं और।”

बता दें कि, हाल ही में 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसके बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। लेकिन इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें पर्यटन को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में अधिकारी का बयान राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील माहौल को और तनावपूर्ण बना सकता है।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें