
नई दिल्ली: एयर इंडिया के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने कहा है कि AI-171 विमान दुर्घटना की शुरुआती जांच रिपोर्ट में विमान या उसके इंजन में कोई यांत्रिक (तकनीकी) या रखरखाव से जुड़ी कोई समस्या नहीं पाई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक जल्दबाज़ी में कोई निष्कर्ष न निकाला जाए।
यह दुर्घटना 12 जून को हुई थी, जब एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया। इस दुखद घटना में 260 लोगों की जान गई, जिनमें 229 यात्री 12 क्रू मेंबर और 19 ज़मीन पर मौजूद लोग शामिल थे।

विमान या इंजन में कोई खराबी नहीं थी। सभी ज़रूरी मेंटेनेंस समय पर किए गए थे।ईंधन की गुणवत्ता ठीक थी। टेक-ऑफ के दौरान कोई तकनीकी असामान्यता नहीं थी। पायलटों ने ब्रेथलाइज़र टेस्ट पास किया था और उनकी सेहत सामान्य थी।
AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दोनों इंजनों को अचानक “रन” से “कटऑफ़” स्थिति में ले जाया गया, जिससे ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई और इंजन बंद हो गए। कॉकपिट रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने कटऑफ़ क्यों किया?” दूसरा पायलट कहता है, “मैंने ऐसा नहीं किया।” हालांकि बाद में दोनों इंजन दोबारा “कटऑफ़” से “रन” मोड में लाए गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

CEO विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया AAIB के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही है। बेड़े में मौजूद सभी बोइंग 787 विमानों की दोबारा जांच की गई, और उन्हें सेवा के लिए सुरक्षित पाया गया। भविष्य में कोई भी अतिरिक्त जांच या नियम तय किए जाते हैं तो उन्हें भी पूरी तरह अपनाया जाएगा।
विल्सन ने अपने कर्मचारियों को ईमेल में लिखा कि “रिपोर्ट आने के बाद मीडिया में कई तरह की अटकलबाज़ी और सनसनीखेज बातें की जा रही हैं, लेकिन हमें अपने काम और जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित रखना है।” उन्होंने कहा कि “जब तक अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक हम धैर्य रखें और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहें। हम टीमवर्क, ईमानदारी और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।”
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