चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 15 जुलाई को पेइचिंग में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात की।
इस मौके पर शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और रूस को नेताओं के बीच संपन्न अहम सहमतियों का कार्यान्वयन कर द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का निर्माण गहन रूप से बढ़ाना चाहिए। इसके साथ दोनों देशों को बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समर्थन मजबूत करने के साथ विकास व सुरक्षा के हितों की रक्षा करनी होगी, ताकि “वैश्विक दक्षिण” देशों को एकजुट होकर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत और उचित दिशा में बढ़ाया जा सके। शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) चीन और रूस द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित व्यापक क्षेत्रीय सहयोग संगठन है। इसका यूरेशिया की शांति, स्थिरता व विकास बनाए रखने में बड़ा महत्व है। दोनों पक्षों को एससीओ को मजबूत बनाना चाहिए।
वहीं, लावरोव ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के नेतृत्व में रूस-चीन व्यापक रणनीतिक साझेदारी गहन रूप से विकसित हो रहा है। रूस चीन के साथ संबंधों पर बड़ा ध्यान देता है और चीन के साथ उच्च स्तरीय आदान-प्रदान व विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग कायम रखना चाहता है। रूस एससीओ के थ्येनचिन शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए चीन का समर्थन करेगा।
उधर, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 15 जुलाई को पेइचिंग में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ के साथ मुलाकात की।
इस मौके पर शी चिनफिंग ने कहा कि दोनों पक्षों के समान प्रयास में चीन-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का विकास कायम रहा। इससे दोनों देशों के लोगों को ठोस लाभ पहुंचा। चीन और ऑस्ट्रेलिया को आपसी रणनीतिक विश्वास मजबूत कर आपसी लाभ वाला सहयोग बढ़ाना चाहिए। इसके साथ दोनों देशों को लोगों के बीच मित्रता का विकास करने के साथ समान रूप से चुनौतियों व जोखिमों का सामना करना होगा।
वहीं, अल्बानीज़ ने कहा कि हाल के वर्षों में ऑस्ट्रेलिया-चीन संबंधों के विकास में सक्रिय प्रगति हुई। ऑस्ट्रेलिया चीन के साथ संबंधों को मूल्यवान समझता है और चीन के साथ संबंधों का विकास बढ़ाना चाहता है। यह न सिर्फ दोनों देशों के समान हितों, हल्कि क्षेत्रीय स्थिरता व समृद्धि के लिए भी लाभदायक है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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