
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की सदस्यता समाप्त होने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक चुटीला बयान दिया। उन्होंने मजाक के अंदाज़ में कहा, “कम से कम 2029 तक हमारी सरकार मजबूत है, हमें विपक्ष में जाने की कोई गुंजाइश नहीं दिखती। उद्धव जी चाहें तो सत्ता पक्ष में आने के बारे में सोच सकते हैं।” ये बयान उन्होंने विधान परिषद में उद्धव ठाकरे की विदाई के मौके पर दिया, जो शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख हैं। हालांकि फडणवीस ने उनका नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर उद्धव ठाकरे की ओर था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ और ‘ऑपरेशन खोज’ की।जानकारी भी दी। उन्होंने बताया अब तक 41,193 लापता बच्चों को ढूंढा जा चुका है। साल 2025 में अब तक 4,960 महिलाओं और 1,364 बच्चों को वापस लाया गया है। हर थाने में अब ‘मिसिंग सेल’ बनाई गई है और इसकी ज़िम्मेदारी वरिष्ठ महिला अधिकारियों को दी गई है। मिसिंग पोर्टल के ज़रिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच डेटा साझा किया जा रहा है ताकि हर गुमशुदा व्यक्ति की जानकारी समय पर अपलोड हो सके।
विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने सरकार की इन कोशिशों की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि सिर्फ लोगों को ढूंढना ही काफी नहीं है। उन्होंने मांग की कि बाल विवाह, मानव तस्करी जैसे सामाजिक मुद्दों पर ठोस नीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने जवाब में कहा कि सरकार इन मामलों को समाजशास्त्रीय तरीके से समझेगी और आगे की योजना बनाएगी।
इससे पहले, 11 जुलाई को उद्धव ठाकरे ने सत्तारूढ़ महायुति सरकार (जिसमें बीजेपी शामिल है) पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस कानून को “जन सुरक्षा विधेयक” कहा जा रहा है, वह असल में “भाजपा सुरक्षा विधेयक” है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के ज़रिए आम लोगों को भी जेल में डाल सकती है, जैसे कि पहले के विवादास्पद कानून MISA और TADA के ज़माने में होता था। ठाकरे ने कहा, “जो भी बीजेपी के खिलाफ बोलेगा, उसे देशविरोधी कहा जाएगा। हम इस कानून का समर्थन नहीं करते हैं।”
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