
इंटरनेशनल डेस्क: इजरायल की फौज गाजा में लगातार संघर्ष में उलझी हुई है। पिछले साल 7 अक्टूबर के खूनी हमले के बाद इजरायल लगातार गाजा में बमबारी कर रहा है। अब इजरायली सेना को लेकर चौंकाने वाली बातों का पता लगा है। फिलिस्तीनियों ने आरोप लगाया है कि गाजा से इजरायली सेना गधों को चुरा रही है। इनको तस्करी के जरिए फ्रांस भेजा जा रहा है, ताकि गाजा में दोबारा निर्माण गतिविधियां न हो सकें। गाजा में गधे ट्रांसपोर्ट का मुख्य साधन माने जाते हैं।
एक इजरायली रिपोर्ट में ही ये दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि गधों की इस लूट में इजरायली संगठनों के अलावा यूरोपीय संस्थाओं की भूमिका है। फ्रांस और बेल्जियम की संस्थाएं एक्टिव हैं, गाजा के उन इलाकों से गधे लूटे जा रहे हैं, जहां इजरायल ने हमला किया था।
A news report details how the israelis have stolen hundreds of donkeys from inside Gaza and shipped all the ones they didn’t keep into Europe pic.twitter.com/4pUAbIl3my
— Sarah Wilkinson (@swilkinsonbc) July 14, 2025
हैरानी की बात है कि ये गधे इलाज और बीमारी के नाम पर निकाले जा रहे हैं। फिलिस्तीन के लोग पहले से आवश्यक सामान की सप्लाई के लिए गधों पर निर्भर रहे हैं। एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि युद्ध के दौरान आम नागरिक की संपत्ति को जब्त करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक अपराध होता है। गधों को तेलअवीव इलाके के साउथ हिस्से मोशाव हारोट ले जाया जा रहा है।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार इस साल 18 मई को 58 गधे इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट से बेल्जियम पहुंचाए गए थे। इसके बाद वहां से इनको फ्रांस ले जाया गया था। फिलिस्तीनियों के मुताबिक अब गाजा में सड़कें आदि तबाह हो चुकी हैं। उन लोगों के पास ट्रांसपोर्ट का सिर्फ एक ही साधन गधे बचे हैं। इनके जरिए हमले में घायल लोगों, सामान और दूसरी चीजों को इधर-उधर ले जाया जा रहा है।
बता दें कि गाजा में लगातार ईंधन और खाने की कमी होती जा रही है। यहां के लोगों के लिए गधे गोल्ड से भी कीमती हो चुके हैं। एक अनुमान के मुताबिक गाजा में 24 लाख की आबादी है। यहां भारतीय मुद्रा के मुताबिक एक गधे की कीमत 64 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। गाजा में लोग जीने के लिए गधों का मांस भी खा रहे हैं। लगातार इजरायली हमलों में लोगों की जान जा रही है।