
Bikram Singh Majithia पंजाब डेस्क : पंजाब की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस और एसआईटी की संयुक्त कार्रवाई जारी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ और दिल्ली स्थित बिक्रम मजीठिया के कई ठिकानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य मजीठिया की बेनामी संपत्तियों की जांच करना है, जो कथित तौर पर ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन के माध्यम से बनाई गई थीं।
सैनिक फार्म में बड़ी कार्रवाई
दिल्ली के सैनिक फार्म में मजीठिया की एक आलीशान संपत्ति का मूल्यांकन किया जा रहा है। यह संपत्ति अब तक मजीठिया की बेनामी संपत्तियों की सूची में सबसे अहम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस फार्म हाउस की अनुमानित कीमत 150 से 200 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। बता दें कि कार्रवाई के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम भी मौके पर मौजूद है, जो संपत्ति का मूल्यांकन करने के साथ-साथ डिजिटल और दस्तावेज़ी साक्ष्य जुटा रही है।
चंडीगढ़ के ठिकानों पर भी छापेमारी
विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने चंडीगढ़ में बिक्रम मजीठिया से जुड़े कई ठिकानों पर भी पहुंचकर मूल्यांकन और दस्तावेज़ों की छानबीन की है।
फर्जी कंपनियों की जांच
जांच एजेंसियां मजीठिया और उनके परिवार से जुड़ी कई शेल कंपनियों की भी छानबीन कर रही हैं। आरोप है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल ड्रग्स मनी के सर्कुलेशन के लिए किया गया। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मूल्यांकन गवाहों के बयानों और वित्तीय रिकॉर्ड्स के आधार पर किया जा रहा है।
गौरतलब है कि मजीठिया को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें आरोपों की गहन जांच के बाद गिरफ्तार किया था। मजीठिया पर सरकारी पद पर रहते हुए अघोषित संपत्ति अर्जित करने और उसे छिपाने का आरोप है।
कोर्ट में क्या हो सकता है आज?
आज की सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि मजीठिया की न्यायिक हिरासत को आगे बढ़ाया जाए या उन्हें जमानत दी जाए। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकता है, ताकि पूछताछ को आगे बढ़ाया जा सके।
राजनीतिक हलकों में हलचल
बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी को लेकर पंजाब की राजनीति में हलचल मची हुई है। अकाली दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई किसी भी दबाव के बिना की जा रही है।
बता दें कि बिक्रम मजीठिया इससे पहले ड्रग्स केस में भी लंबे समय तक जांच के दायरे में रह चुके हैं। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी गिरफ्तारी ने फिर से उन्हें राजनीतिक और कानूनी घेरे में ला खड़ा किया है।