Last Updated: September 30, 2026

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जलमग्न हुआ पाकिस्तान, पूरे देश में चेतावनी जारी, बाढ़ से 200 लोगों की मौत

July 20, 2025

जलमग्न हुआ पाकिस्तान, पूरे देश में चेतावनी जारी, बाढ़ से 200 लोगों की मौत

Pakistan flood : पाकिस्तान में मानसून की बारिश ने कहर बरपाया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अनुसार, अब तक 202 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज़्यादातर बच्चे हैं। स्थानीय मीडिया के अनुसार, 96 बच्चों की मौत ने स्थिति को और भयावह बना दिया है। पंजाब प्रांत में सबसे ज़्यादा 123 मौतें हुई हैं। खैबर पख्तूनख्वा में 40, सिंध में 21, बलूचिस्तान में 16 और इस्लामाबाद व जम्मू-कश्मीर में एक-एक मौत हुई है। मौतों के कारणों में अचानक आई बाढ़, ढही हुई इमारतें, बिजली का झटका, बिजली गिरना और भूस्खलन शामिल हैं।

आपातकालीन टीमों को तैयार रखने के निर्देश
118 लोगों की मौत ढही हुई इमारतों के मलबे में दबने से हुई, 30 लोगों की अचानक आई बाढ़ में जान गई, जबकि अन्य की डूबने, बिजली गिरने, बिजली गिरने और भूस्खलन के कारण मौत हुई। राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (एनईओसी) ने पूरे देश के लिए चेतावनी जारी की है, जो 25 जुलाई तक लागू रहेगी। इसमें अचानक आने वाली बाढ़, शहरी जलभराव और हिमनद झील के फटने से बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी गई है। खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, सिंध और इस्लामाबाद के कई जिले हाई अलर्ट पर हैं। स्थानीय प्रशासन को नालों की सफाई और आपातकालीन टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इन क्षेत्रों में बाढ़ की संभावना
पाकिस्तान मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है, लेकिन प्रमुख नदियों के ऊपरी इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। निचले और पहाड़ी इलाकों में बाढ़ से सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान हो सकता है। 21 से 24 जुलाई तक मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। रावलपिंडी, लाहौर, सियालकोट, सरगोधा, फैसलाबाद, मुल्तान, खानेवाल, साहीवाल, लोधरन, मुजफ्फरगढ़, कोट अद्दू, तौंसा, राजनपुर, बहावलपुर और रहीम यार खान जैसे इलाकों में बाढ़ का खतरा है।

नालों के जाम होने से शहरों में जलभराव
नालों के जाम होने से देश के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या और भी बदतर हो गई है, जिससे जन-जीवन प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन की नालों की सफाई और तैयारी में कमी के लिए आलोचना हो रही है। भारी बारिश के दौरान नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन को बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

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