नई दिल्ली: मानसून सत्र के चौथे दिन संसद में फिर से हंगामा देखने को मिला, जिससे संसद की कार्यवाही भारी हंगामे के कारण लगातार चौथे दिन भी बाधित रही।
दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई हैं। संसद परिसर में आज भी विपक्ष और सरकार के बीच चल रहे विवाद के चलते कोई महत्वपूर्ण चर्चा या बिल पेश नहीं हो पाया।वहीं, सदन की कार्यवाही दोपहर के दो बजे शुरू होते ही लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष रक्षात्मक
बिहार में मतदाता सूची में अनियमितताओं को लेकर तैयार की गई विशेष जांच रिपोर्ट (SIR) पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। आम आदमी पार्टी ने आज इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है। इसके अलावा कांग्रेस, राजद और अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहे हैं।
#WATCH | Patna: Opposition leaders hold a protest in front of the Bihar Assembly over the issue of SIR (Special Intensive Revision) in the state. pic.twitter.com/2NMFrluqSa
— ANI (@ANI) July 24, 2025
तीसरे दिन का सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ गया था, जिसके बाद राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की थी। उनका उद्देश्य गतिरोध को खत्म कर संसदीय प्रक्रिया को सुचारु करना था, लेकिन कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा।
AAP MP Sanjay Singh has given Suspension of Business Notice in Rajya Sabha under rule 267 and demands discussion on the constitutional and electoral implications of Special Intensive Revision (SIR) of voter lists in Bihar. pic.twitter.com/SFwg2B8sDn
— ANI (@ANI) July 24, 2025
आज सदन में क्या हो सकता है?
अगर हालात सामान्य रहते हैं, तो आज लोकसभा और राज्यसभा में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जा सकती हैं। इसके अलावा कई सवालों के लिखित उत्तर भी प्रस्तुत किए जाएंगे। सरकार की ओर से कुछ विधेयकों को पेश किए जाने की संभावना भी है, लेकिन विपक्ष के तेवर देखते हुए इन कार्यों के पूरे होने पर संदेह बना हुआ है।
देश की जनता कर रही है इंतजार
संसद का हर सत्र जनता की उम्मीदों का प्रतीक होता है, लेकिन जब राजनीतिक टकराव संसद को ठप कर देता है, तो इससे सिर्फ लोकतंत्र की प्रक्रिया ही नहीं, आम जन का विश्वास भी प्रभावित होता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या आज संसद के दोनों सदन सामान्य ढंग से कार्य करेंगे या चौथा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।