
Kargil Vijay Diwas: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शहीद सैनिकों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान सेना के जांबाज योद्धाओं की महान शहादत हमारे युवाओं को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत होकर निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेगी। शहीदों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने यहां बोगनविलिया गार्डन स्थित युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और कारगिल युद्ध के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले पंजाब के बहादुर जवानों को नमन कर श्रद्धांजलि दी।
भारतीय सेना ने 1999 में घुसपैठ करने वाली पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया
साल 1999 के कारगिल युद्ध को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस युद्ध के दौरान समूचे देश ने देशभक्ति के जज्बे के साथ एकजुटता का परिचय दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत की सशस्त्र सेनाओं की अद्वितीय वीरता का प्रतीक है क्योंकि इस युद्ध में हमारे सैनिकों ने बलिदान, पराक्रम और बहादुरी की बेमिसाल गाथा लिखी। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने तमाम चुनौतियों के बावजूद जुलाई 1999 में कारगिल, द्रास और बटालिक क्षेत्रों में घुसपैठ करने वाली पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश अपने जांबाज सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा
भगवंत मान ने कहा कि भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाई गई अद्वितीय बहादुरी का ऐसा उदाहरण विश्व इतिहास में कहीं नहीं मिलता, जो हमारे युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होकर मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश अपने जांबाज सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा जो कठोर गर्मी और कड़ाके की सर्दी में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।
शहीद सैनिकों के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की
उन्होंने कहा कि सैनिकों के अनुकरणीय योगदान के सम्मानस्वरूप राज्य सरकार द्वारा ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले सैनिकों के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास हमारे सैनिकों द्वारा की जा रही देश सेवा के प्रति एक विनम्र प्रयास है। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स और महाराजा रणजीत सिंह आम्र्ड फोर्सेज प्रैपरेटरी इंस्टीच्यूट एवं माई भागो आम्र्ड फोर्सेज प्रैपरेटरी इंस्टीच्यूट, मोहाली के कैडेट्स के साथ संक्षिप्त बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने हेतु प्रोत्साहित किया।