
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में सोमवार (28 जुलाई) को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर 16 घंटे लंबी चर्चा होनी है। इसी बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे ऐसी भाषा न बोलें जो पाकिस्तान की तरह लगे या भारत के खिलाफ जाए।
रिजिजू ने कहा कि हमें संसद में बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए ताकि भारतीय सेना की गरिमा बनी रहे और राष्ट्रीय हितों को नुकसान न पहुँचे। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे ऐसा कोई बयान न दें जिसका फायदा पाकिस्तान या भारत के दुश्मन उठा सकें। उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों से अनुरोध करता हूँ कि वे ऐसा कुछ न कहें जिससे भारत के हितों को चोट पहुंचे। पहलगाम हमले के बाद जो जवाबी कार्रवाई हुई है, वो भारत की जनता की इच्छा के अनुसार हुई है।”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और शक्तिशाली हमले किए गए।
28 जुलाई (सोमवार) को लोकसभा में 16 घंटे की चर्चा होगी। 29 जुलाई (मंगलवार) को राज्यसभा में भी 16 घंटे की चर्चा होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार दोपहर 12 बजे लोकसभा में बयान देंगे।
विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह मांग की है कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर जवाब दें जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम हुआ है। इसके अलावा विपक्ष चाहता है कि संसद में बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और पहलगाम हमला जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो। इसके अलावा विपक्ष चाहता है कि संसद में बिहार में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और पहलगाम हमला जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो।
मानसून सत्र की शुरुआत से ही संसद में लगातार हंगामा हो रहा है। कई बार कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा है। इसी बीच उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी अचानक इस्तीफा दे दिया, जिससे सियासी हलचल और बढ़ गई। NDIA गठबंधन के नेता सोमवार सुबह 10 बजे मिलकर अपनी रणनीति तय करेंगे कि सत्र के दूसरे सप्ताह में कैसे आगे बढ़ना है।