Last Updated: October 19, 2026

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Anil Ambani के खिलाफ 3,000 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में ED ने की पहली गिरफ्तारी

August 2, 2025

Anil Ambani के खिलाफ 3,000 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में ED ने की पहली गिरफ्तारी

Anil Ambani : बिज़नेसमैन अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली व्यावसायिक संस्थाओं से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। दरअसल, इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ED ने पहली गिरफ्तारी की है। बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड (BTPL) के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ सारथी बिस्वाल को हिरासत में ले लिया गया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के की गई है।

तलाशी के बाद हुई गिरफ्तारी
ईडी द्वारा भुवनेश्वर और कोलकाता स्थित बीटीपीएल के परिसरों की व्यापक तलाशी के एक दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है। यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा बीटीपीएल, उसके निदेशकों और अन्य के खिलाफ सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को कथित रूप से फर्जी बैंक गारंटी जारी करने के आरोप में दर्ज की गई प्राथमिकी से जुड़ा है।

भारतीय स्टेट बैंक का फर्जी ईमेल
ईडी के निष्कर्षों के अनुसार, बीटीपीएल ने भारतीय स्टेट बैंक के जाली अनुमोदनों और फर्जी एसबीआई ईमेल आईडी का उपयोग करके फर्जी पुष्टिकरण ईमेल के जरिए 68.2 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी की व्यवस्था की। इस फर्जी गारंटी का इस्तेमाल SECI द्वारा जारी एक निविदा को समर्थन देने के लिए किया गया था।

रिलायंस पावर लिमिटेड से मिले थे करोड़ो रुपये
महत्वपूर्ण बात यह है कि ईडी ने खुलासा किया है कि बीटीपीएल को फर्जी बैंक गारंटी की सुविधा के लिए अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड से कथित तौर पर 5.4 करोड़ रुपये मिले थे। अधिकारियों का कहना है कि यह वित्तीय सुराग बीटीपीएल के धोखाधड़ी वाले कार्यों को अंबानी के कॉर्पोरेट नेटवर्क से जोड़ने वाला एक प्रमुख तत्व है।

अघोषित बैंक खाते
जांच में यह भी पता चला है कि 2019 में गठित एक अपेक्षाकृत गुमनाम कंपनी बीटीपीएल ने कई अघोषित बैंक खाते बनाए रखे और ऐसे वित्तीय लेनदेन किए जो उसके कथित कारोबार से कहीं अधिक थे। अधिकारियों ने कम से कम सात छिपे हुए बैंक खातों में करोड़ों रुपये की आपराधिक आय का पता लगाया है।

फर्जी निदेशकों का इस्तेमाल
एजेंसी का दावा है कि नियामक उल्लंघन बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। कंपनी के पंजीकृत कार्यालय से लेखा पुस्तकों और शेयरधारक रजिस्टरों सहित वैधानिक रिकॉर्ड गायब थे। ईडी को संदेह है कि असली स्वामित्व को छिपाने और धन शोधन को संभव बनाने के लिए फर्जी निदेशकों का इस्तेमाल किया गया।

अंबानी को पूछताछ के लिए किया तलब
गिरफ्तारी के बाद पार्थ सारथी बिस्वाल को अदालत में पेश किया गया। आगे की पूछताछ के लिए उन्हें 6 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है। इस बीच रिलायंस समूह ने अपने बयान में कहा कि हमने सभी सहायक कंपनियों के साथ ईमानदारी से काम किया। अब इस मामलें में पूछताछ के लिए अंबानी को 5 अगस्त के दिन तलब किया गया है।

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