Last Updated: September 25, 2026

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Delhi Assembly Monsoon Session: दिल्ली में शिक्षा सुधार की ओर बड़ा कदम, रेखा सरकार आज पेश करेंगी नया विधेयक

August 4, 2025

Delhi Assembly Monsoon Session: दिल्ली में शिक्षा सुधार की ओर बड़ा कदम, रेखा सरकार आज पेश करेंगी नया विधेयक

नेशनल डेस्क: दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र आज, सोमवार से शुरू हो रहा है। यह सत्र 8 अगस्त तक चलेगा और इस दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति, श्रमिक कल्याण और शिक्षा प्रणाली से जुड़े अहम मुद्दों पर बहस और फैसले की उम्मीद की जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि यह सत्र पूरी तरह पेपरलेस होगा सभी दस्तावेज, नोटिस और कार्यवाही अब डिजिटल फॉर्मेट में संचालित की जाएंगी।

दो महत्वपूर्ण CAG रिपोर्ट होंगी पेश

सत्र के पहले ही दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता दो महत्त्वपूर्ण नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टें सदन में प्रस्तुत करेंगी।

राज्य वित्त रिपोर्ट (वित्त वर्ष 2023-24): यह रिपोर्ट दिल्ली सरकार के खर्च, बजट प्रबंधन और संसाधनों की प्रभावशीलता की समीक्षा करती है।

निर्माण श्रमिक कल्याण रिपोर्ट (31 मार्च 2023 तक): इस रिपोर्ट में ‘बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड’ द्वारा संचालित योजनाओं और खर्चों की जांच की गई है, जिसमें निर्माण मजदूरों के हित में किए गए कार्यों की प्रगति को दर्शाया गया है।

इन रिपोर्टों के आधार पर सदन में गहन चर्चा की उम्मीद की जा रही है, विशेष रूप से वित्तीय पारदर्शिता और श्रमिक कल्याण के मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास कर सकता है।

शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव: पेश होगा स्कूल फीस नियंत्रण बिल

मॉनसून सत्र के दौरान दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के उद्देश्य से एक नया विधेयक ‘दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस तय करने और उसे नियंत्रित करने में पारदर्शिता) विधेयक, 2025’ पेश करने जा रही है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले इस बिल का उद्देश्य निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाना और पारदर्शिता लाना है।

विपक्ष का तीखा विरोध

हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) इस बिल के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है। पार्टी की वरिष्ठ नेता आतिशी ने आरोप लगाया है कि यह विधेयक निजी स्कूलों के हितों की रक्षा करने वाला है और इससे अभिभावकों की समस्याएं और बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि बिल वास्तव में जनहितैषी है, तो इसे अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।

AAP का दावा है कि यह बिल अभिभावकों की राय लिए बिना तैयार किया गया है और इससे शिक्षा के क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को बयान देते हुए कहा कि सरकार इस विधेयक के माध्यम से “शिक्षा के बाजारीकरण पर लगाम लगाने” की दिशा में काम कर रही है।

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