Last Updated: October 1, 2026

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पाकिस्तान में भारी बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन से हुई 71 लोगों की मौत, 358 घर क्षतिग्रस्त

August 7, 2025

पाकिस्तान में भारी बारिश का कहर, बाढ़-भूस्खलन से हुई 71 लोगों की मौत, 358 घर क्षतिग्रस्त

इस्लामाबाद Floods-Landslides: जून के अंत से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में जारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 71 लोग मारे गए, जबकि 86 अन्य घायल हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा के प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने बुधवार को ताजा आंकड़े जारी करते हुए इसकी जानकारी दी है।

स्थानीय मीडिया ने पीडीएमए की ओर से साझा किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मृतकों में 40 बच्चे, 17 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं।

जून से ही मानसूनी बारिश ने पाकिस्तान में कहर बरपाया है, जिससे घातक बाढ़, भूस्खलन और डिस्प्लेसमेंट हुआ। खासकर संवेदनशील, कम जल निकासी वाले या घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं। भारी बारिश के दौरान सबसे ज्यादा मौतें खैबर पख्तूनख्वा के स्वात जिले में हुईं। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के मुताबिक यहां 22 लोगों की जान चली गई।

पीडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार ज्यादातर मौतें बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे के ढहने के कारण हुई। 27 जून को स्वात और मलकंद डिवीजन में अचानक आई बाढ़ के बाद 17 लोग लापता हो गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। चार लोगों को बचा लिया गया। 12 लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि एक व्यक्ति का अब तक पता नहीं चल सका है। बचाव अभियान में देरी के चलते पाकिस्तान में लोगों के बीच आक्रोश है।

स्वात (22), एबटाबाद (5), मलकंद (5), बुनेर (4), चरसद्दा (3), अपर दीर (3), मनसेहरा (3), खैबर (3), बाजौर (3), लक्की मरवत (3), तोरघर (2), बट्टाग्राम (2), हंगू (2), शांगला (2), लोअर कोहिस्तान (2), करक (1), कोहाट (1), हरिपुर (1), अपर कोहिस्तान (1) और नौशेरा (1) में मौतें दर्ज की गईं।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 86 लोग घायल भी हुए। घायलों में 38 पुरुष, 33 बच्चे और 15 महिलाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मानसून सीजन शुरू होने के बाद से 358 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 54 पूरी तरह से नष्ट हो गए। स्वात में सबसे ज्यादा 63 घर नष्ट हुए, उसके बाद करक में 38 और बुनेर में 22 घर तबाह हुए। बारिश से जुड़ी घटनाओं में कुल 142 मवेशी मारे गए।

रविवार को, खैबर पख्तूनख्वा के पीडीएमए ने जिला प्रशासन और अन्य संबंधित संगठनों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने 4-7 अगस्त तक पूरे प्रांत में रुक-रुक कर भारी बारिश, हवा और गरज के साथ छींटे पड़ने की आशंका जताई है।

स्थानीय मीडिया ने बुधवार को बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के राष्ट्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र (एनईओसी) ने देश के कई क्षेत्रों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है। यह अलर्ट ऐसे समय में जारी किया गया, जब 5-8 अगस्त तक पाकिस्तान के ऊपरी और मध्य क्षेत्रों में मानसून की तीव्रता बढ़ने की आशंका है।

इसके अलावा सिंधु, चिनाब और रावी सहित देश की सभी प्रमुख नदियों में जल स्तर बढ़ने की आशंका है। नौशेरा में काबुल नदी, स्वात नदी और पंजकोरा और उनकी संबंधित नदियों के जल स्तर में वृद्धि देखी जा सकती है।

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