आंद्रे ओकोनकोव वर्तमान विश्व में एक मशहूर गणित अनुसंधानकर्ता है। उन्होंने रेप्रजेंटेशन थ्योरी, एल्जेब्रा एंड जिओमेट्री और प्रोबेबिलिटी थ्योरी आदि क्षेत्रों में कई रचनात्मक कार्य किये हैं और एक विशिष्ट अध्ययन रास्ता निकाला है। वे फील्ड्स मेडल के विजेता है और चीनी विज्ञान अकादमी के विदेशी मूल के सदस्य हैं। हाल ही में सीएमजी के संवाददाता ने उनके साथ एक विशेष बातचीत की।
आंद्रे ओकोनकोव ने कहा कि जीवन में उनकी सबसे बड़ी पसंद नयी चीजें सीखना और इन चीजों और ज्ञात चीजों के बीच संबंधों का पता लगाना है। मैं चीनी संस्कृति और इतिहास सीख रहा हूं ।मुझे चीनी चाय और परंपरागत लिपि पसंद है। उन प्राचीन परंपराओं और गणित जगत में चीन के स्थान के बीच हैरतअंगेज रिश्ता है। चीन में कई युवा गणितज्ञ अनुसंधान में संलग्न हैं। उनका अध्ययन गहरा है। एक तरफ चीन में गणित के विकास का लंबा इतिहास है ,दूसरी तरफ चीन भविष्य का प्रतिनिधित्व करता है। चीन ने वैज्ञानिक व तकनीकी क्षेत्र में सर्वविदित उपलब्धियां प्राप्त की हैं, जैसे कार ,बैटरी ,मोबाइल ,हाई स्पीड ट्रेन वगैरह ।गणित के क्षेत्र में भी ऐसी स्थिति है।
ओकोनकोव कहते हैं कि गणित एक सुंदर शास्त्र है ,जो यांत्रिक नहीं है। इसकी सुंदरता आंशिक रूप से कड़े तर्क से आती है। पर गणित एक जीवंत शास्त्र भी है ,जो व्यक्तित्व की अनुमति देती है। लोग विभिन्न दृष्टियों ,विचारों और उपकरणों से उनका सर्वेक्षण कर सकते हैं। अगर आप सटीकता से किसी चीज का वर्णन करना चाहते हैं, तो गणित का प्रयोग करना चाहिए। गणित की सटीकता से ही लोग अधिक कड़े तरीके से जीवन में मौजूद विभिन्न समस्याओं का समाधान कर सकते हैं। वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी ऐसी सटीकता पर काफी हद तक निर्भर रहती है।
उन्होंने कहा कि चीन सरकार सीखने वाले समाज के निर्माण पर जोर दे रही है और गणित समेत बुनियादी शास्त्रों के विकास का समर्थन करती है। यह बड़ी अच्छी बात है ।आधुनिक समाज की समृद्धि का आधार विज्ञान व तकनीक है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)