नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई अहम बैठक पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा “भारत अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर बैठक का स्वागत करता है। शांति के लिए उनका प्रयास बेहद सराहनीय है।”
जायसवाल ने आगे कहा कि भारत इस बैठक में हुई प्रगति की सराहना करता है और दुनिया चाहती है कि यूक्रेन में चल रहा युद्ध जल्दी खत्म हो। उनका कहना था कि समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही निकल सकता है।
MEA spokesperson Randhir Jaiswal says, “India welcomes the Summit meeting in Alaska between US President Donald Trump and President Vladimir Putin of Russia. Their leadership in the pursuit of peace is highly commendable. India appreciates the progress made in the Summit. The way… pic.twitter.com/2FXnyvzIrD
— ANI (@ANI) August 16, 2025
ट्रंप–पुतिन मुलाकात के बाद ट्रंप का बयान
अलास्का में पुतिन से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से कहा “यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग को खत्म करने का सबसे सही तरीका सीधा शांति समझौता करना है, न कि सिर्फ सीजफायर (युद्धविराम) पर रुकना।” यह बयान इसलिए हैरान करने वाला माना जा रहा है क्योंकि बैठक से पहले ट्रंप यह कहते आए थे कि पहले सीजफायर होना चाहिए और फिर शांति समझौते की दिशा में कदम उठना चाहिए। लेकिन अब वह सीधे शांति समझौते की बात कर रहे हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा ये पोस्ट
ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी इस बैठक के बारे में लिखा “अलास्का में आज का दिन बहुत सफल रहा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत बहुत अच्छी रही। इसके अलावा देर रात मैंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूरोप के कई नेताओं से भी फोन पर बात की। इनमें नाटो के सेक्रेटरी जनरल भी शामिल थे।”
ट्रंप ने लिखा कि बातचीत में सभी नेताओं की राय यही थी कि रूस–यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का सबसे सही तरीका शांति समझौता है। उन्होंने कहा कि केवल सीजफायर पर भरोसा करना सही नहीं होगा क्योंकि वह अक्सर असफल साबित होता है।
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