इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान में मानसून की भारी बारिश ने कहर बरपाया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बीते 48 घंटों के भीतर बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं के चलते कम से कम 327 लोगों की मौत हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे क्षेत्र में तबाही मचा दी है, जिससे हजारों लोग बेघर हो चुके हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, केवल पिछले 24 घंटे में ही देशभर में 151 लोगों की मौत हुई है। इनमें से 144 मौतें खैबर पख्तूनख्वा में हुई हैं, जबकि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
मानसून सीजन में अब तक 645 मौतें
26 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक पाकिस्तान भर में 645 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। NDMA का कहना है कि इनमें से आधे से ज्यादा मौतें अकेले खैबर पख्तूनख्वा में हुई हैं, जो कि पर्वतीय और संवेदनशील इलाका माना जाता है।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र: बुनेर जिला
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के प्रवक्ता फैजी ने बताया कि बुनेर जिला इस त्रासदी का केंद्र बन गया है। यहां अकेले पिछले दो दिनों में 204 लोगों की जान जा चुकी है। राहत एवं बचाव दलों ने इलाके में दिनभर के सर्च ऑपरेशन के दौरान 20 और शव बरामद किए हैं, जिससे मृतकों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
अन्य जिलों में शांगला से 36, मनसेहरा से 23, स्वात से 22, बाजौर से 21, बट्टाग्राम से 15, लोअर दीर से 5 और एबटाबाद से एक बच्चे की मौत की सूचना है। मृतकों में कम से कम 15 महिलाएं और 13 बच्चे शामिल हैं।
घायलों और राहत कार्यों की स्थिति
अब तक 120 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को स्थानीय अस्पतालों और सेना के मोबाइल चिकित्सा शिविरों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत और पुनर्वास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सेना की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, पानी और दवाइयों की आपूर्ति की जा रही है।
अभी और बारिश की चेतावनी
पाकिस्तान के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 21 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे हालात और खराब होने की आशंका है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।