नई दिल्ली: एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम की घोषणा मंगलवार को कर दी गई। इस टीम में शुभमन गिल की एंट्री हुई है। गिल को उपकप्तान बनाया गया है। इंगलैंड दौर से पूर्व एशिया कप के लिए गिल की जगह पक्की नहीं थी, लेकिन बतौर कप्तान और बल्लेबाज इंगलैंड में उनके असाधारण प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को उनके चयन के लिए मजबूर कर दिया।
शुभमन गिल को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में जगह देने और उन्हें उपकप्तान बनाए जाने के बाद सबसे ज्यादा मुश्किल संजू सैमसन के लिए बढ़ गई है।
सैमसन ने पिछले कुछ समय में टी-20 फॉर्मेट में बतौर ओपनर बड़ी कामयाबी हासिल की है। विकेटकीपर होना प्लेइंग इलैवन में उनकी जगह मजबूत करता है। शुभमन गिल के आने से सैमसन की मुश्किल बढ़ी है। दरअसल, गिल को भी बतौर ओपनर टीम में शामिल किया गया है। वह उप कप्तान भी हैं। ऐसे में उनका खेलना लगभग निश्चित है। वह सीमित ओवरों में ओपनिंग करते हैं अगर गिल प्लेइंग इलैवन में शामिल होते हैं और पारी की शुरुआत करते हैं, तो फिर सैमसन की मुश्किल बढ़ेगी।
सैमसन मध्यक्रम में उतने सफल नहीं हैं। टीम में जितेश शर्मा के रूप में दूसरा विकेटकीपर बल्लेबाज मौजूद है, जो मध्यक्रम में एक तूफानी बल्लेबाजी के रूप में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। ऐसे में गिल के ओपनर होने की स्थिति में विकेटकीपर के रूप में जितेश को मौका दिया जा सकता है और सैमसन को बाहर बैठना पड़ सकता है। टीम में तीसरे ओपनर अभिषेक शर्मा हैं, जिनका प्लेइंग इलैवन में स्थान तय है। इसकी वजह शर्मा की विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी क्षमता है। गिल और सैमसन के टीम में होने की स्थिति में तिलक वर्मा या रिंकू सिंह को टीम से बाहर होना पड़ सकता है। संजू सैमसन ने 42 टी20 मैचों की 38 पारियों में 3 शतक और 2 अर्धशतक लगाते हुए 861 रन बनाए हैं। शुभमन गिल ने 21 टी20 मैचों में 1 शतक और 3 अर्धशतक की मदद से 578 रन बनाए हैं।
ये भी पढ़ें : Covid के बाद India REIT Market में उछाल, Listed Market ₹1.72 लाख करोड़ पहुंचा
मेष: दिन शुभ रहेगा...