
Lalita Saptami 2025: सनातन परंपरा में भाद्रपद मास की शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रिय सखी ललिता जी का प्राकट्य हुआ था। यही कारण है कि यह दिन ललिता सप्तमी के नाम से प्रसिद्ध है। हर साल यह पर्व राधाष्टमी से एक दिन पूर्व मनाया जाता है।
ललिता सप्तमी 2025 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार इस वर्ष ललिता सप्तमी की तिथि 29 अगस्त 2025 को प्रातः 08:22 बजे प्रारंभ होगी और 30 अगस्त 2025 को रात 10:46 बजे तक रहेगी। उदया तिथि को मानते हुए यह व्रत 30 अगस्त 2025 (शनिवार) को मनाया जाएगा।
ललिता सप्तमी का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि देवी ललिता, राधा जी की परम सखी एवं कृष्ण की आठ पटरानियों में से एक हैं। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राधा-कृष्ण की भक्ति और सेवा में समर्पित कर दिया। माना जाता है कि उनकी पूजा करने से साधक को सुख-सौभाग्य, संतान सुख और वैवाहिक जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है।
जानें पूजा विधि
ललिता सप्तमी के दिन प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर कलश स्थापित करें, उसे आम्रपल्लव और श्रीफल से सजाएं। धूप-दीप जलाकर देवी को चंदन, रोली, पुष्प, फल, मिष्ठान और पान-सुपारी अर्पित करें। इस दिन आटे और गुड़ से बने 7 पुए भोग के रूप में विशेष रूप से अर्पित करने का महत्व है। साथ ही राधा-कृष्ण और देवी ललिता की संयुक्त पूजा अवश्य करें। चूंकि इसी दिन संतान सप्तमी व्रत भी मनाया जाता है, इसलिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर व्रत कथा सुनना शुभ माना जाता है।
व्रत का फल
ललिता सप्तमी का व्रत करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। अविवाहितों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और विवाहितों का दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। साथ ही संतान प्राप्ति और उसकी उन्नति में आ रही सभी कठिनाइयाँ समाप्त हो जाती हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. दैनिक सवेरा टाइम्स इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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