फिरोजपुर: पंजाब के सीमावर्ती जिले फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने ड्रग तस्करी के प्रयास को नाकाम कर बड़ी सफलता हासिल की है। बीएसएफ के सतर्क जवानों ने खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध तस्कर को धर-दबोचा और उसके कब्जे से लगभग 7 किलोग्राम हेरोइन बरामद की।
बाइक सवार तस्कर की संदिग्ध हरकत से खुला राज़
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, रविवार को गश्त के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार जवानों को देखकर भागने की कोशिश करने लगा। मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए बीएसएफ ने उसे काबू में ले लिया। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से करीब एक किलो वजनी हेरोइन के एक पैकेट की बरामदगी हुई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तस्कर एक बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
𝐏𝐑𝐄𝐂𝐈𝐒𝐄 𝐈𝐍𝐓 𝐄𝐍𝐀𝐁𝐋𝐄𝐒 𝐁𝐒𝐅 𝐍𝐀𝐁 𝐒𝐌𝐔𝐆𝐆𝐋𝐄𝐑 𝐖𝐈𝐓𝐇 𝐇𝐔𝐆𝐄 𝐇𝐄𝐑𝐎𝐈𝐍 𝐂𝐎𝐍𝐒𝐈𝐆𝐍𝐌𝐄𝐍𝐓 𝐈𝐍 𝐅𝐄𝐑𝐎𝐙𝐄𝐏𝐔𝐑
Acting on precise input of the BSF Intelligence Wing, alert troops laid a Naka on a suspected route in Ferozepur.
A suspicious… pic.twitter.com/Cmqola1fEB
— BSF PUNJAB FRONTIER (@BSF_Punjab) August 31, 2025
आगे की जांच में हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
गिरफ्तार किए गए तस्कर को आगे की जांच के लिए स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है। बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
मिज़ोरम में 75 करोड़ की ड्रग्स जब्ती
इससे पहले अगस्त की शुरुआत में बीएसएफ ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मिज़ोरम में 75 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नशीली दवाएं जब्त की थीं। इस संयुक्त अभियान को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और मिज़ोरम के आबकारी व मादक पदार्थ विभाग के साथ मिलकर अंजाम दिया गया था।
केइफांग और सेलिंग गाँवों के बीच चलाए गए इस ऑपरेशन में चार वाहनों को रोक कर आठ लोगों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान वाहनों से तीन प्लास्टिक बैग मिले, जिनमें 50 किलोग्राम मेथमफेटामाइन (याबा टैबलेट्स) और 36 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
बीएसएफ के अनुसार, जब्त की गई याबा टैबलेट्स की संख्या लगभग 5 लाख गोलियों के बराबर है, जो भारत में ड्रग्स के अवैध बाजार में बेहद ऊंची कीमत पर बेची जाती हैं।
बीएसएफ तस्करों पर लगातार कसेगा शिकंजा
बीएसएफ ने स्पष्ट किया है कि वह नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अपनी कार्रवाई और तेज़ करेगा। विशेष रूप से भारत-पाकिस्तान और म्यांमार सीमा क्षेत्रों में सक्रिय गिरोहों पर नजर रखते हुए ऐसी संयुक्त कार्रवाइयां और सख्ती से की जाएंगी।
बीएसएफ का कहना है कि यह सिर्फ एक मादक पदार्थ तस्करी का मामला नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाने की जंग है। सुरक्षा एजेंसियां समाज को इस खतरे से मुक्त कराने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं।
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