Dhussi dam: सतलुज के कैचमैंट एरिया में भारी बरसात के कारण भाखड़ा बांध का जल स्तर 1675 फुट के करीब पहुंच गया। बांध पर खतरा मंडराता देख भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने सोमवार सुबह से ही भारी मात्र में पानी छोड़ना शुरू किया। रोपड़ हैंडवर्कसे दोहपर बाद सतलुज में लगातार 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है, जो पानी रोपड़ से दोपहर बाद छोड़ा गया वो लुधियाना में फिल्लौर रेलवे ब्रिज से रात 10 बजे के बाद गुजारा। रात को सतलुज में पानी की मात्र 1.10 लाख क्यूसेक तक पहुंची, जिससे सतलुज का जल स्तर खतरे के निशान 777 फुट तक पहुंच गया। देर रात तक सतलुज में लगातार एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी गुजरता रहा।
सतलुज के खतरे के निशान तक पहुंचने से जिले में अति संवेदनशील प्वाइंट्स पर धुस्सी बांध पर खतरा मंडराने लगा है। खबर लिखें जाने तक लुधियाना जिले में धुस्सी बांध को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन तमाम अफसरों के साथ सतलुज किनारे देर रात तक घूमते रहे। डीसी ने कहा कि रोपड़ से लगातार 1 लाख क्यूसेक के करीब पानी छोड़ा जा रहा है। डीसी हिमांशु जैन ने कहा कि लुधियाना जिले में फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है। उन्होंने कहा कि सतलुज की क्षमता 2 से ढाई लाख क्यूसेक पानी को ले जाने की है।
रोपड़ हैडवर्क्स से सतलुज में रविवार रात से लगातार 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा था। दोपहर एक बजे के करीब रोपड़ हैडवर्क से सतलुज में 77 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोपहर करीब एक बजे सतलुज में रोपड़ हैडवर्क से 1.15 लाख क्यूसेक के करीब पानी छोड़ा गया। वहीं दूसरी तरफ बुदकी, सिरसा, स्वां, सिसवां और सागरों बरसाती नदियों से भी भारी मात्र में पानी सतलुज में आया। सोमवार को दिन में सतलुज दरिया में लुधियाना से 57 हजार क्यूसेक के करीब पानी गुजरता रहा और पानी का स्तर फिल्लौर रेलवे ब्रिज पर 774.40 फुट के करीब था। रात होते होते सतलुज काजल स्तर खतरे के निशान 777 फुट तक पहुंच गया। सतलुज में ज्यादा पानी की आमद होने के कारण जिला प्रशासन ने खैहरा बेट, ससराली कालोनी, गढ़ी फजल, तलवंडी नौ-आबाद व अन्य संवेदनशील प्वाइंट्स पर धुस्सी बांध पर ‘ठीकरी’ पहरा लगा दिया। प्रशासन ने इन सभी जगहों पर अस्थायी पोस्ट बनाकर कर्मचारियों को तैनात कर दिया है और साथ ही ग्रामीण भी पूरी रात दरिया के किनारे डटे रहे।
ससराली कालोनी, बूथ गढ़, खैहरा बेट, तलवंडी नौ-आबाद में संवदेनशील प्वाइंट्स पर प्रशासन व ग्रामीण कई दिनों से धुस्सी बांध को बचाने में जुटे हैं। सोमवार तड़के से ही झमाझम बारिश के बावजूद प्रशासन व ग्रामीण संवेदनशील प्वाइंटों पर जमे रहे। ससराली के सरपंच के प्रतिनिधि सुरिंदर कुमार ने बताया कि सतलुज का पानी धुस्सी बांध तक न पहुंचे इसके लिए ग्रामीण व प्रशासन लगातार काम करते रहे।
खैहरा बेट व तलवंडी नौ आबाद में सतलुज का पानी धुस्सी बांध के करीब आ चुका है। ऐसे में यहां पर भी ग्रामीण और प्रशासन मिलकर बांध को बचाने में जुटे हैं। प्रशासन ने यहां भी अस्थायी पोस्ट बनाकर ठीकरी पहरा लगाए रखा।
एसडीएम डॉ पूनमप्रीत कौर ने बताया कि बांध अभी पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि रात तक प्रशासन व ग्रामीण मुस्तैदी के साथ डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि बांध पर ठीकरी पहरा भी लगाया गया है और बाकायदा एक अस्थाई पोस्ट भी बनाई गई है।