
Beas River: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिला में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते ब्यास नदी एक बार फिर उफान पर है। पंडोह डैम से आज लगभग 60,000 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में छोड़ा गया है। जबकि कुछ दिन पहले यह आंकड़ा 35,000 क्यूसेक था। डैम की झील का जलस्तर 2914 फीट तक पहुंच चुका है। बग्गी टनल से डैहर पावर हाऊस के लिए भेजे जाने वाले पानी की आपूर्ति भी सिल्ट पीपीएम स्तर अधिक होने के कारण रोक दी गई है।
इससे संबंधित विद्युत उत्पादन फिलहाल बंद कर दिया गया है। बीबीएमबी के अधीशाषि अभियंता ई. चंद्रमणी शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारी बारिश के कारण ब्यास नदी के पानी में सिल्ट की मात्र अधिक है। जब तक यह स्तर 5000 पीपीएम से नीचे नहीं आता, तब तक न तो टनल से पानी भेजा जाएगा और न ही डिसिल्टिंग का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा। पंडोह डैम के सभी पांच गेट खोल दिए गए हैं और झील में आ रहे अतिरिक्त पानी को सीधे ब्यास नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही पंडोह से लेकर मंडी तक अलर्ट जारी कर दिया गया है।
डैम प्रबंधन ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से एक अनाऊंसमेंट वाहन हाईवे किनारे तैनात किया है, जो लगातार लोगों को ब्यास नदी से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है। डैम प्रबंधन और प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ब्यास नदी के किनारे जाने से बचें। खासकर बच्चे, मवेशी पालक, मछुआरे और राहगीर नदी के पास न जाएं क्योंकि किसी भी समय जलप्रवाह तेज हो सकता है।
घरों के पास दरकीं पहाड़ियां, दर्जनों मकानों को खतरा, कई गावों का संपर्क टूटा
उपमंडल बंगाणा में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी है। क्षेत्र के मुख्य सड़कों और लिंक सड़कों पर मलवा गिरने से यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और गांवों में जगह-जगह भूस्लखन से खतरा बना हुआ है।
वहीं, ग्राम पंचायत डीहर के गांव सरनोटी में करीब 800 मीटर लंबी पेयजल पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्राम पंचायत खरयालता एवं क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति पिछले कई दिनों से बाधित हो गई है। जल शक्ति विभाग के अधिकारी व कर्मचारी क्षति का आंकलन करने के साथ-साथ मरम्मत कार्य करने में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार बारिश के प्रकोप से ल्हासे गिरने से दिक्कतें बढ़ रही हैं। वहीं ग्राम पंचायत धनेत के गांव चपलाह में 40 कनाल से अधिक भूमि खिसक गई है। इस कारण स्थानीय लोगों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और भविष्य में भूमि उपयोग पर भी संकट पैदा हो गया है। परिजन असुरक्षित माहौल में रहने के लिए मजबूर हैं और प्रशासन से तुरंत सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास की मांग की है। वहीं तलमेहडा से नलवाड़ी सड़क मार्ग पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है। चम्बोआ से चडोली सड़क पूरी तरह से धंस चुकी है। उस कीचड़ के बीच से लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बसों की आवाजाही ठप्प पड़ी हुई है।
प्रशासन की लोगों से सतर्क रहने की अपील : बंगाणा प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्र न करने की अपील की है, साथ ही नदी नालों के किनारे न जाने की सलाह दी है। बंगाणा एवं जोल प्रशासन ने बताया कि पूर्व में हुई बारिश के चलते प्रभावित हुई सड़कों को काफी मशक्कत के बाद खोला गया था, लेकिन अब दो दिनों से हो रही लगातार बारिश और लैंडस्लाइडिंग से कई सड़के बंद हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम में लगातार कार्य कर रही हैं। मलवा हटाने और बंद रास्तों को खोलने के लिए जेसीबी ऑपरेटर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।