Last Updated: October 7, 2026

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कौन बनेगा उपराष्ट्रपति, किसका पलड़ा भारी? विपक्ष की रणनीति पर सबकी निगाहें

September 9, 2025

कौन बनेगा उपराष्ट्रपति, किसका पलड़ा भारी? विपक्ष की रणनीति पर सबकी निगाहें

Vice Presidential Election 2025: देश के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी और इसके तुरंत बाद 6 बजे से मतगणना शुरू होगी। उम्मीद की जा रही है कि आज ही उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। इस बार मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा समर्थित सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है।

वोटिंग प्रक्रिया और समीकरण
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 781 सांसद वोट डालने के पात्र हैं। इस बार राज्यसभा में 239 और लोकसभा में 542 सांसद हैं। जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 391 वोटों की जरूरत है। हालांकि यह चुनाव गुप्त मतदान के जरिए होता है और इसके लिए किसी भी पार्टी द्वारा व्हिप जारी नहीं किया जाता, लेकिन आमतौर पर सांसद पार्टी लाइन के अनुसार ही मतदान करते हैं।

एनडीए की स्थिति मजबूत
एनडीए के पास पहले से ही 425 सांसदों का समर्थन है, और अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने भी खुलकर एनडीए का समर्थन कर दिया है।YSRCP के राज्यसभा में सात और लोकसभा में चार सांसद हैं, जिससे एनडीए का संभावित आंकड़ा 436 तक पहुंच गया है। बीजेपी को उम्मीद है कि आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल भी एनडीए को वोट दे सकती हैं। इसके अलावा बीजेडी भी एनडीए के पाले में आ सकती है। बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक दिल्ली में हैं और आज मतदान से पहले भाजपा नेतृत्व से उनकी बातचीत संभावित मानी जा रही है।

बीआरएस और अन्य की भूमिका
बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) के फिलहाल एनडीए के साथ आने की संभावना कम है, क्योंकि तेलंगाना की जुबली हिल्स सीट पर उपचुनाव है, जहां मुस्लिम वोटर्स की संख्या निर्णायक मानी जाती है। बीआरएस के पास राज्यसभा में चार सांसद हैं और इसके मतदान से गैरहाजिर रहने की संभावना जताई जा रही है।इसके अलावा अकाली दल, ZPM, VOTTP और सात निर्दलीय सांसदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। इनमें से कुछ सांसदों की वोटिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

विपक्ष की रणनीति और संभावनाएं
INDIA गठबंधन के पास कुल 324 वोट हैं। विपक्ष को भरोसा है कि बीआरएस और कुछ छोटे दल या निर्दलीय उनके पक्ष में वोट कर सकते हैं या मतदान से दूर रहकर अप्रत्यक्ष मदद कर सकते हैं। हालांकि एनडीए की मजबूत स्थिति को देखते हुए विपक्षी खेमे ने क्रॉस वोटिंग की आशंका को भी ध्यान में रखते हुए अपने सांसदों को विशेष निर्देश दिए हैं।

जीत का अंतर रहेगा अहम
2022 में हुए पिछले उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। इस बार हालांकि विपक्ष की स्थिति पहले से मजबूत मानी जा रही है, फिर भी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए की जीत तय है, बस अंतर को लेकर अटकलें लग रही हैं। अनुमान है कि जीत का अंतर 100 से 125 वोटों के बीच रह सकता है।

मतदान में शुद्धता सुनिश्चित करने की कवायद
चुनाव में एक भी वोट निरस्त न हो, इसके लिए दोनों पक्षों , एनडीए और INDIA ब्लॉक ने अपने सांसदों को विशेष प्रशिक्षण दिया है। सभी सांसदों को मतदान की प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने और तकनीकी खामियों से बचने की जानकारी दी गई है।

नतीजों पर टिकी सबकी नजर
राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव केवल उपराष्ट्रपति पद के लिए नहीं, बल्कि आगामी 2026 के राज्यसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की दिशा तय करने वाला संकेत माना जा रहा है। इसलिए एनडीए और INDIA दोनों ही गुटों के लिए आज का दिन बेहद अहम है।

शाम 6 बजे से शुरू होगी मतगणना
मतगणना शाम 6 बजे से शुरू होगी और कुछ ही घंटों में देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा।

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