
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को नागपुर में ब्रह्माकुमारी संस्था के एक कार्यक्रम कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान भागवत ने महिलाओं द्वारा संचालित आध्यात्मिक संस्था ब्रह्माकुमारीज की तारीफ की।
अपने भाषण में मोहन भागवत ने उदाहरण देते हुए कहा, ”पहले हम सांपों से डरते थे। लेकिन जब जानकारी मिली कि सारे सांप जहरीले नहीं होते, तो हमारा डर खत्म हो गया। इसी तरह जब ज्ञान बढ़ता है, तो डर और भेदभाव भी खत्म हो जाते हैं।”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया के कुछ देश भारत पर इसलिए टैरिफ लगा रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि अगर भारत मजबूत हो गया तो उनकी स्थिति क्या होगी। उन्होंने नागपुर में ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर के 7वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए कहा कि यह कदम सिर्फ अपने-अपने हित देखने की सोच का नतीजा है।
हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि भारत से इतनी दूरी होने के बावजूद डर क्यों? दरअसल, अमेरिका ने भारत पर 50% तक का टैरिफ लगाया है। इसके साथ ही रूस से तेल खरीद पर 25% अतिरिक्त शुल्क भी जोड़ा गया है। भारत ने इन टैरिफ को अनुचित और गलत बताया है।
‘मैं’ की जगह ‘हम’ का नजरिया अपनाने की जरूरत
मोहन भागवत ने कहा कि जब तक इंसान और देश अपने असली स्वरूप को नहीं पहचानेंगे, तब तक समस्याएं बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि अगर हम करुणा (दया) दिखाएं और डर को खत्म कर दें, तो हमारा कोई दुश्मन नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोग ‘मैं’ की जगह ‘हम’ का सोचने लगें, तो हर समस्या का हल निकल जाएगा।
भारत दुनिया की समस्याओं का हल खोज सकता है
भागवत ने कहा कि आज पूरी दुनिया समाधान की तलाश कर रही है। लेकिन “सिर्फ मैं” वाली सोच के कारण उन्हें रास्ता नहीं मिल रहा। भारत, अपनी सोच और मूल्यों की वजह से, दुनिया की समस्याओं का हल ढूंढने और दिशा दिखाने में सक्षम है।
भारतीयों को महान बनने का प्रयास करना चाहिए
भारत एक महान देश है और यहां के लोगों को भी महान बनने की कोशिश करनी चाहिए। भागवत ने कहा कि भारतीय समाज की खासियत यह है कि लोग अभाव (कमी) में भी संतोष से रहते हैं। उन्होंने कहा, “चाहे दुख और कठिनाई हो, यहां के लोग अपनेपन की भावना के कारण संतुष्ट रहते हैं। समय के साथ कठिनाइयां दूर हो जाती हैं।”