
नेशनल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में सोमवार को एक बार फिर बादल फटने की घटना हुई। यह घटना पोनी तहसील के मादी गांव में हुई। अचानक बादल फटने से गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए और लोग घबराकर ऊपरी इलाकों की ओर भागे। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। एक आदिवासी ग्रामीण ने बताया कि, “अचानक विस्फोट जैसी तेज आवाज हुई और कुछ ही देर में हमारे घर पानी में डूब गए।” उन्होंने कहा कि यह घटना सुबह करीब 3 बजे हुई। पानी के तेज बहाव से पूरा गांव डर में आ गया और लोग अपने बच्चों व परिवार के साथ सुरक्षित जगहों की ओर निकल गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
बादल फटने के बाद सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी और मलबा आ गया, जिसे लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीम और मशीनरी ने मिलकर हटा दिया, ताकि आवाजाही दोबारा शुरू हो सके।
कुछ दिन पहले भी फटा था बादल
इससे पहले, किश्तवाड़ जिले की वारवान घाटी में भी कुछ दिन पहले बादल फटा था। वहां हालात काफी ज्यादा गंभीर हो गए थे। करीब 190 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। 45 मवेशियों की मौत हो गई। कई लोग बेघर हो गए। बादल फटने के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
राहत बचाव कार्य जारी
किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने प्रभावित परिवारों को एक महीने का राशन देने की घोषणा की। इसके अलावा रेड क्रॉस की टीम ने भी जरूरतमंदों को भोजन और जरूरी सामान बांटा। वारवान घाटी के मार्गी गांव में 26 अगस्त को बादल फटने से भारी नुकसान हुआ था। लेकिन राहत की बात यह रही कि वहां भी किसी की जान नहीं गई।
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