कुरुक्षेत्र। 15 दिन से लापता चल रहे बैंक कर्मचारी बलजोत उर्फ संदीप सिंह की गुमशुदगी का राज गुरुवार को खुल गया। शाहाबाद-मोहरी रेलवे ट्रैक से दो किलोमीटर आगे बुधवार को मिला शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया।
मौके से पुलिस को एक फटा हुआ रुमाल बरामद हुआ, जिस पर लिखा सुसाइड नोट भी मिला। इसमें संदीप ने अपनी मौत के लिए पत्नी अमनदीप कौर और साले को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही 27 लाख रुपये का हिसाब उल्लेखित करते हुए यह रकम माता-पिता को देने की बात लिखी।
पत्नी से अनबन और आर्थिक दबाव
मृतक के मामा कर्म सिंह ने बताया कि अमनदीप, जो कि सरकारी शिक्षिका है, पिछले एक साल से जीरकपुर स्थित मायके में रह रही थी। दंपति के बीच तलाक को लेकर तनाव चल रहा था और समझौते के लिए अमनदीप ने 30 लाख रुपये की मांग रखी थी।
जानकारी के अनुसार, संदीप ने हाल ही में अपना मकान 38 लाख रुपये में बेचा था, लेकिन उस रकम का अधिकांश हिस्सा उसने दूसरों को दे दिया था। इसी बीच परिजनों ने 6 सितंबर को पिंजौर पुलिस में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच में आत्महत्या की आशंका
जीआरपी को बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे स्टेशन मास्टर से सूचना मिली थी। शव के पास से मोबाइल, चार्जर, एक्टिवा की आरसी, दो ब्लैंक चेक और फटा रुमाल मिला। जांच अधिकारी रणधीर सिंह के अनुसार शव कई हिस्सों में बिखरा था, जिससे आत्महत्या की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि अभी तक परिजनों ने कोई औपचारिक बयान दर्ज नहीं कराया है। फिलहाल पुलिस ने इसे आत्महत्या मानते हुए इत्तेफाकिया कार्रवाई दर्ज की है। अधिकारी का कहना है कि यदि परिजन किसी के खिलाफ शिकायत देते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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