
नयी दिल्ली: सीबीआई की विशेष अदालत, अहमदाबाद ने मंगलवार को बहुचर्चित फर्जी फायर इंश्योरेंस क्लेम मामले में अहम फैसला सुनाया। अदालत ने मीरा केमिकल्स, पानोली, भरुच के पार्टनर रशीक जे. पटेल डलसानिया और सर्वेयर फर्म एस.आर. चित्रे एंड कंपनी के प्रोपराइटर संजय रमेश चित्रे को दोषी करार देते हुए 5-5 साल की सख्त कैद और कुल 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें पटेल पर 45 लाख और चित्रे पर 15 लाख का आर्थिक दंड लगाया गया है।
सीबीआई, एसीबी गांधीनगर ने यह केस 29 जून 2006 को दर्ज किया था। जांच में सामने आया कि 20 जनवरी 2002 को मीरा केमिकल्स की फैक्ट्री में लगी आग से हुए नुकसान के नाम पर फर्जी दस्तावेज, फर्जी बिल और वाउचर जमा कराकर 36.86 लाख रुपये का बीमा क्लेम लिया गया। इस साजिश में सर्वेयर संजय चित्रे ने भी सहयोग किया।
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