
इंटरनेशनल डेस्क : 23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर चीन-थीम कार्यक्रम और “वन होम” वैश्विक युवा फ़िल्म स्क्रीनिंग की शुरुआत हुई। इस आयोजन का संयुक्त रूप से आयोजन चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और चीन में संयुक्त राष्ट्र प्रणाली द्वारा किया गया। इस अवसर पर सीएमजी के निदेशक शेन हाईश्योंग और वैश्विक संचार के लिए संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव मैलिसा फ़्लेमिंग ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में चीन के लिए संयुक्त राष्ट्र रेज़िडेंट समन्वयक सिद्धार्थ चटर्जी भी शामिल हुए। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों, चीन में विभिन्न देशों के राजदूतों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधियों और विदेशी मीडिया संगठनों के प्रतिनिधियों सहित 100 से अधिक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
शेन हाईश्योंग ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 80 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र ने विश्व शांति को बनाए रखने, वैश्विक विकास को प्रोत्साहित करने और विभिन्न सभ्यताओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण और अमिट योगदान दिया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में चीन हमेशा अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाता है, संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करता है और बहुपक्षवाद की रक्षा करते हुए एक बड़े देश के रूप में अपनी ऐतिहासिक ज़िम्मेदारी को पूरी तरह प्रदर्शित करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संयुक्त राष्ट्र के एक महत्वपूर्ण मीडिया साझेदार के रूप में सीएमजी लगातार उसकी आवाज़ को दुनिया तक पहुँचाने, वैश्विक शासन प्रक्रिया की रिपोर्टिंग करने और चीन व विश्व के बीच सेतु का कार्य करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की अवर महासचिव मैलिसा फ़्लेमिंग ने अपने संदेश में बहुपक्षवाद के प्रति चीन की प्रतिबद्धता और वैश्विक सहयोग के लिए उसके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया लगातार बढ़ते संघर्षों और मानवीय संकटों का सामना कर रही है, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास एजेंडे पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। ऐसे समय में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को और अधिक एकजुट होकर सहयोग करना होगा, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को कायम रखना होगा और संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान ढूंढते हुए विकास को शांति की मज़बूत नींव बनाना होगा। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी शांति और साझा समृद्धि सुनिश्चित करने का आह्वान भी किया।
सिद्धार्थ चटर्जी ने अपने भाषण में कहा कि संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य और सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में चीन ने शांति अभियानों में निरंतर भागीदारी की है और सतत विकास लक्ष्यों, जलवायु परिवर्तन तथा वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग जैसे अहम क्षेत्रों में सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने सीएमजी की “वन होम – वैश्विक युवा छवि संग्रह अभियान” पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मंच ने दुनिया भर के युवाओं को कलात्मक अभिव्यक्ति के ज़रिए मानवता की वैश्विक न्याय और शांति की आकांक्षा को सामने लाने का अवसर दिया है। इन रचनाओं को उन्होंने केवल आशा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि कार्रवाई का आह्वान बताया, जो हमें साझा ज़िम्मेदारी और शांति पर आधारित बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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