20 सितम्बर 2025 का दिन चीन के हेनान प्रांत के जियुआन शहर के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। यहाँ वुलोंगकौ दर्शनीय क्षेत्र में आयोजित “मंकी किंग गैदरिंग” ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बना ली। इस आयोजन में 262 प्रतिभागी सुन वुकोंग यानी “बंदर राजा”के रूप में तैयार होकर एकत्र हुए और आधिकारिक तौर पर “सबसे बड़ी मंकी किंग सभा”का नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण मशहूर अभिनेता लियू शियाओलिंगटोंग (झांग जिनलाई) रहे, जिन्होंने 1986 की क्लासिक टीवी श्रृंखला जर्नी टू द वेस्ट में मंकी किंग की अमर भूमिका निभाई थी। वे भी मंकी किंग की पोशाक पहनकर 261 प्रशंसकों के साथ इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बने।
लियू ने कहा, “यह सिर्फ़ एक गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि इसका असली उद्देश्य लोगों को ‘पश्चिम की यात्रा’की संस्कृति और बंदर राजा की भावना का अनुभव कराना है।”
यह आयोजन 2025 चाइना मंकी माउंटेन मंकी किंग प्रतियोगिता और राष्ट्रीय सांस्कृतिक कला सप्ताह का उद्घाटन भी था। प्रतियोगिता 20 से 24 सितम्बर तक चली, जिसमें प्रतिभागियों ने मंकी किंग के रूप में नृत्य, अभिनय और क्लासिक ओपेरा दृश्यों का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में “गोल्डन मंकी, सिल्वर मंकी और ब्रॉन्ज मंकी अवॉर्ड्स” भी दिए गए।
लियू शियाओलिंगटोंग मुख्य निर्णायक मंडल के प्रमुख रहे। उन्होंने कहा, “सुन वुकोंग केवल ‘जर्नी टू द वेस्ट’ का पात्र नहीं है, बल्कि चीनी संस्कृति में ज्ञान और साहस का प्रतीक भी है। आज की यह सभा पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और सांस्कृतिक आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति है।”
इस मौके पर मंकी किंग ओपेरा प्रदर्शन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान की गतिविधियाँ और प्रदर्शनी भी आयोजित की गईं। साथ ही जर्नी टू द वेस्ट कल्चरल एक्सचेंज सेंटर और एक थीम आधारित औद्योगिक पार्क का उद्घाटन भी हुआ, जिससे सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जियुआन सांस्कृतिक पर्यटन समूह के अध्यक्ष ने कहा, “बंदर राजा की संस्कृति सिर्फ़ एक आयोजन का विषय नहीं है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक पर्यटन उद्योग के उच्च गुणवत्ता वाले विकास का नया इंजन है। भविष्य में हम प्रदर्शनियों, सेमिनारों और अन्य आयोजनों के माध्यम से इस धरोहर को और आगे बढ़ाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य मंकी किंग को केवल एक दृश्य आकर्षण के रूप में नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक गहराई और महत्व के साथ समझाना है, ताकि जियुआन की विरासत को और बेहतर सराहना मिल सके।
यह रिकॉर्ड सिर्फ़ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सुन वुकोंग आज भी चीन की सांस्कृतिक चेतना में जीवित है और दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करता है।
(दिव्या पाण्डेय – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)