
अमृतसर: अमृतसर के संस्थापक व सिखों के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब से नगाड़ों, जैकारों और नरसिंहा की गूंज में नगर कीर्तन खालसाई जाहौजलाल से सजाया गया। श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास के बाद सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को अपने सीस पर उठाकर पांच प्यारों के नेतृत्व में स्वर्ण पालकी में सुशोभित किया और चवर साहिब की सेवा श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित संगतों ने पुष्प वर्षा कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। सभा-सोसायटी व संगत के सहयोग से सजाए गए नगर कीर्तन का श्री अकाल तख्त साहिब से प्राचीन द्वारों को जोड़ने वाले मार्ग पर संगत द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
विभिन्न स्थानों पर सभा-सोसायटी व संगत ने जहां पंज प्यारों व निशानची सिंहों को सिरोपा देकर सम्मान दिया वहीं संगत ने विभिन्न प्रकार के लंगरों का भी प्रबंध किया था। नगर कीर्तन के साथ चल रही संगत पूरे रास्ते सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए चौथे गुरु जी को श्रद्धा से याद कर रही थी। नगर कीर्तन के अवसर पर पंजाब पुलिस ने घंटा घर प्लाजा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष माथा टेका और सलामी दी। नगर कीर्तन में उपस्थित सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने संगत को श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व की बधाई दी और संगत को गुरु साहिब की विचारधारा के अनुसार जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि गुरु साहिब द्वारा दी गई शिक्षाओं का दृढ़ता से पालन करना और गुरमत का अनुयायी बनना प्रत्येक सिख का प्राथमिक कर्तव्य है।
इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने भी संगत को चौथे गुरु के प्रकाश पर्व की बधाई दी और उन्हें बाणी और बाणी का अनुयायी बनने के लिए प्रोत्साहित किया। नगर कीर्तन के दौरान विभिन्न समाजों और संगत के प्रतिनिधियों के अलावा, प्रसिद्ध कथा वाचक भाई साहिब भाई पिंदरपाल सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह, शिरोमणि कमेटी सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता, एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका, डीसीपी जगजीत सिंह वालिया, एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल, बिजय सिंह, प्रीतपाल सिंह, निजी सचिव शहबाज सिंह, श्री दरबार साहिब के महाप्रबंधक भगवंत सिंह धंगेरा, उप सचिव जसविंदर सिंह जस्सी, गुरनाम सिंह, बलविंदर सिंह खैराबाद, मनजीत सिंह तलवंडी, सुखबीर सिंह, अमरबीर सिंह ढोट, अधीक्षक निशान सिंह, मलकीत सिंह बेहरवाल, प्रबंधक नरिंदर सिंह, सतिंदर सिंह, सतनाम सिंह रियार, राजिंदर सिंह रूबी, जसपाल सिंह, अतिरिक्त प्रबंधक इकबाल सिंह मुखी, बिक्रमजीत सिंह, गुरिंदर सिंह देवीदासपुर, गुरतिंदरपाल सिंह कादियां, बलविंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर देश-विदेश से आई संगत को बधाई दी और कहा कि चौथे गुरु श्री गुरु रामदास जी का जीवन सेवा, प्रेम, भक्ति और सद्गुणों से परिपूर्ण है। गुरु साहिब द्वारा सच्ची निष्ठा से की गई निस्वार्थ सेवा जैसा विश्व के इतिहास में कोई दूसरा उदाहरण नहीं है। उन्होंने सिख धर्म के पौधे को फलने-फूलने के लिए अनेक कार्य किए और लोगों को आध्यात्मिक, धार्मिक और सामाजिक मार्गदर्शन और प्रेरणा दी। उन्होंने सिख जगत से अपील की कि वे गुरु साहिब के महान जीवन को याद रखें और अपने अंदर विनम्रता, सेवा और ध्यान की भावना पैदा करें तथा सिख धर्म के सिद्धांतों को अपने व्यावहारिक जीवन का हिस्सा बनाए।
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