Last Updated: October 8, 2026

Dainik Savera Times Logo

सीधी उड़ानें पुनः शुरू होने से चीन-भारत मैत्री को मिलेगा बढ़ावा 

October 9, 2025

सीधी उड़ानें पुनः शुरू होने से चीन-भारत मैत्री को मिलेगा बढ़ावा 

चीन और भारत इस वर्ष अक्टूबर के अंत तक सीधी उड़ानें फिर से शुरू करेंगे। यह निर्णय शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के थ्येनचिन शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफ़िंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में बने समझौते के कार्यान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। यह पहल दोनों देशों के बीच जन-स्तरीय आदान-प्रदान को गहरा करने और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत देती है कि दोनों पक्ष मैत्री बढ़ाने और साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

सीधी उड़ानों की बहाली, सबसे पहले, दोनों देशों के 280 करोड़ नागरिकों की सुविधा के लिए अत्यंत व्यावहारिक कदम है। सुगम हवाई संपर्क सांस्कृतिक, आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों के लिए एक प्रभावी पुल का काम करेगा। यह कार्मिक आदान-प्रदान की समय और लागत को उल्लेखनीय रूप से कम करेगा, साथ ही व्यावसायिक सहयोग, पर्यटन, पारिवारिक मुलाकातों और शैक्षणिक संवाद को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इसके परिणामस्वरूप दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की विकास गति और सांस्कृतिक आकर्षण को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकेंगे, जिससे चीन-भारत मैत्री को सामाजिक और जनसंख्या स्तर पर निरंतर समर्थन मिलेगा।

यह प्रगति इस बात का भी प्रमाण है कि चीन और भारत अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देख रहे हैं। दुनिया के दो सबसे बड़े विकासशील देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, चीन और भारत अपने-अपने विकास को बढ़ावा देने और क्षेत्र तथा उसके बाहर शांति एवं स्थिरता बनाए रखने की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी साझा करते हैं। दोनों देशों के नेताओं के पास दूरदर्शी दृष्टिकोण है और वे दिशा निर्धारित कर रहे हैं। सीधी उड़ानों की बहाली दोनों पक्षों के एक-दूसरे की ओर बढ़ने और अपने नेताओं की सहमति को ठोस कार्रवाई में बदलने का एक शक्तिशाली प्रदर्शन है। यह जटिल संबंधों को संभालने में एक व्यावहारिक दृष्टिकोण और रणनीतिक बुद्धिमत्ता को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि कुछ मुद्दों के बावजूद जिनका उचित समाधान आवश्यक है, सहयोग और विकास द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के पीछे मूलभूत प्रेरक शक्ति बने हुए हैं।

भविष्य की ओर देखते हुए, चीन भारत के साथ पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक लाभ और जीत-जीत की भावना को कायम रखने के लिए काम करने को तैयार है, तथा सद्भावनापूर्वक रहने वाले अच्छे पड़ोसी और हाथ में हाथ डालकर आगे बढ़ने वाले अच्छे साझेदार बनना चाहता है। चीन-भारत संबंधों का स्वस्थ और स्थिर विकास न केवल दोनों देशों की जनता के मौलिक हित में है, बल्कि एशिया और विश्व के लिए भी एक वरदान है।

केवल “ड्रैगन और हाथी नृत्य” करके, एक दूसरे को बाधित करने के बजाय, हम एक शक्तिशाली तालमेल बना सकते हैं, वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से जवाब दे सकते हैं, और क्षेत्रीय समृद्धि व स्थिरता और विश्व शांति एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए दो प्राचीन पूर्वी सभ्यताओं का उचित और अधिक योगदान दे सकते हैं। चीन और भारत के बीच सीधी उड़ानों की बहाली एक नई शुरुआत है। भविष्य में चीन-भारत संबंधों को सही राह पर आगे बढ़ाने के लिए ऐसी और सकारात्मक पहलों की अपेक्षा की जाती है। 

ये भी पढ़ें: राजकोषीय निधियों की व्यवस्था नई ऊँचाई पर पहुँची: चीन के वित्त मंत्री

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) 

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें