जालंधर: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जम्मू और कश्मीर शाखा कार्यालय (जेकेबीओ) ने हितधारक सम्मेलन 2025 का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विश्व मानक दिवस 2025 के एक भाग के रूप में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में जालंधर के 50 से अधिक उद्योगपतियों ने भाग लिया। उद्घाटन भाषण में, बीआईएस जेकेबीओ के निदेशक श्री तिलक राज ने कहा कि विश्व मानक दिवस (14 अक्टूबर) सतत विकास लक्ष्य 17: लक्ष्यों के लिए साझेदारी से जुड़ता है, यह दर्शाता है कि कैसे मानक संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक सहयोग को सक्षम बनाते हैं। प्रत्येक वर्ष 14 अक्टूबर को, आईईसी, आईएसओ और आईटीयू के सदस्य विश्व मानक दिवस मनाते हैं, जो दुनिया भर के हजारों विशेषज्ञों के सहयोगात्मक प्रयासों को श्रद्धांजलि देने का एक साधन है, जो स्वैच्छिक तकनीकी समझौतों को विकसित करते हैं जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानकों के रूप में प्रकाशित किया जाता है।

बीआईएस-जेकेबीओ के संयुक्त निदेशक श्री पंकज अत्री ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया तथा मानकीकरण की संस्कृति सृजित करने में बीआईएस की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा, “बीआईएस यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और सेवाएँ मिलें, और इस तरह की पहल उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास बनाने में मदद करती है।” मानक एक साझा ढाँचा और भाषा प्रदान करते हैं जो उद्योगों, सरकारों और संगठनों जैसे विविध समूहों को जटिल वैश्विक चुनौतियों पर प्रभावी ढंग से एक साथ काम करने में सक्षम बनाता है। यह साझेदारी प्रगति, नवाचार और स्थिरता के लिए आवश्यक है। श्री सिमरजोत सिंह, महाप्रबंधक, डीआईसी जालंधर ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि बीआईएस को उद्योग-विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करके उद्योगों को गुणवत्ता प्राप्त करने में मदद करनी चाहिए। अजय इंडस्ट्रीज के श्री अजय गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि उद्योग भारतीय मानकों और क्यूसीओ को लागू करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बीआईएस से क्यूसीओ के सुचारू कार्यान्वयन और उत्पाद प्रमाणन अंकन शुल्क में कमी का अनुरोध किया। श्री अश्विनी कुमार, विक्टर टूल्स और श्री सुरेश शर्मा, एचआर इंडस्ट्रीज ने अपने संबोधन में बीआईएस से निरीक्षण का बोझ कम करने और बीआईएस लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का अनुरोध किया। श्री नीरज मिश्रा, उप निदेशक, बीआईएस, जेकेबीओ ने अपने संबोधन में कहा कि बीआईएस ने उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने के लिए पहले ही कई कदम उठाए हैं। सूक्ष्म स्तर के लिए न्यूनतम अंकन शुल्क में 80% की कमी की गई है, एमएसएमई के लिए परीक्षण अवसंरचना की आवश्यकता को वैकल्पिक बनाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि बीआईएस जोखिम आधारित निगरानी निरीक्षण की ओर बढ़ रहा है जिससे निरीक्षणों की संख्या कम हो जाएगी।

इस आयोजन ने नियामकों, सरकारी विभागों और उद्योग हितधारकों को एक साझा मंच पर लाया, जिससे गुणवत्ता मानकों और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने पर बातचीत को बढ़ावा मिला।
