
भोपाल/ नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को भोपाल स्थित सागर इंस्टिट्यूट ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी कॉलेज में आयोजित एक राष्ट्र-एक चुनाव कार्यक्रम में सहभागिता कर छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे देश में कुछ हो या ना हो लेकिन पांचों साल, 12 महीने चुनाव की तैयारियां जरूर चलती रहती है। हमेशा होने वाले चुनाव हमारे देश की प्रगति और विकास में सबसे बड़ी बाधा है। इससे धन का अपव्यय होता है, समय खराब होता है और सभी राजनैतिक दल जनता की सेवा की जगह चुनाव की तैयारियों में जुटे रहते हैं। इसलिए संविधान में संशोधन करके लोकसभा और विधानसभा के चुनाव पांच साल में एक बार, एक साथ होने चाहिए।
छात्र शक्ति मैदान में आए
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, आज मैं किसी पार्टी की तरफ से नहीं आया हूं, किसी मंत्री के रूप में भी नहीं आया हूं, नेता के रूप में भी नहीं आया हूं, आज मैं, तुम्हारे मामा के रूप में और एक जागरूक नागरिक के रूप में आप सभी के बीच आया हूं। उन्होंने कहा कि, एक जागरूक नागरिक के नाते मैं यह अपील कर रहा हूं कि, देश के विद्यार्थी भी उठें और राजनीतिक दलों से कहें कि, अब ये बार-बार चुनाव नहीं चलेंगे। सब मिलकर एक हो जाओ, संविधान में संशोधन करो और पाँच साल में एक बार चुनाव कराओ ताकि हमारा भविष्य, जनता का समय और देश के संसाधन बर्बाद न हों। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, अब छात्र शक्ति को राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में आगे आना चाहिए। मैं, चाहता हूं कि, छात्र शक्ति मैदान में आए और सभी राजनीतिक दलों से कहे कि यह बार-बार चुनाव का सिलसिला बंद करो, एक साथ चुनाव कराओ ताकि देश को आगे बढ़ाने में सब मिलकर योगदान दे सकें।
एक साथ चुनाव से धन और समय की बचत
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि, जिन राज्यों के विधानसभा चुनाव पहले होने हैं उन्हें थोड़ा आगे बढ़ाया जाए और जिन राज्यों के बाद में हैं, उन्हें थोड़ा पहले करा दिया जाए, ताकि सभी चुनाव एक साथ कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि, एक साथ चुनाव से न केवल खर्च बचेगा, बल्कि सरकारें पूरे साढ़े चार साल जनता की सेवा में ईमानदारी से जुटी रहेंगी। अगर एक साथ चुनाव होंगे तो प्रचार भी सरल होगा। एक गाड़ी में एक तरफ विधानसभा उम्मीदवार का और दूसरी तरफ लोकसभा उम्मीदवार का पोस्टर लगा दें, और नेता दोनों का प्रचार एक साथ करें। उन्होंने कहा कि, एक ही पोलिंग बूथ पर दो मशीनें रखी जा सकती हैं और मतदाता इतने समझदार हैं कि, उन्हें इसमें कोई कठिनाई नहीं होगी। पाँच साल में एक बार वोटर लिस्ट बने, एक वोटर लिस्ट, एक पोलिंग बूथ और एक आमसभा, इससे देश का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही श्री चौहान ने कहा कि, वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था लागू कर देश को विकास की दिशा में एकजुट किया जा सकता है।

स्वदेशी अपनाएं, देश में बनी चीज़े ही खरीदें
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और कुछ विदेशी ताकतें इस प्रगति को रोकने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन भारत स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है। साथ ही शिवराज सिंह ने कहा कि, प्रधानमंत्री श्रीमान नरेन्द्र मोदी जी ने कहा है कि, राष्ट्र सर्वोपरि है और जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि, वह आर्थिक आत्मनिर्भरता के मार्ग पर आगे आएँ। अगर हमें देश को मजबूत बनाना है, हमारी अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है, तो जो भी चीज़ें हमारे दैनिक जीवन में उपयोग की हैं और जो हमारी ज़रूरतों में आती हैं, जो भारत में बनती हैं, उन्हें हम देश में बनी हुई ही खरीदेंगे। उन्होंने देश की आजादी में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का हवाला देते हुए कहा कि, आज उसी भावना के साथ देश के लिए जीने की आवश्यकता है, लेकिन आज का पराक्रम यह है कि, हम अपनी अर्थव्यवस्था और उपभोग के रास्ते से देश को मजबूत करें। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, यदि किसी आवश्यक वस्तु का देश में विकल्प उपलब्ध ना हो तो वह अलग बात है, पर उपलब्ध चीज़ों के लिए आयात के चक्कर में नहीं फँसना चाहिए। हम हमारे देश में बनी चीज़े खरीदेंगे तो ये पैसा हमारे देश की अर्थव्यवस्था में जाएगा और हमारे देश के भाई-बहन जो पसीना बहाते हैं, उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
लक्ष्य तय करो, रोडमैप बनाओ
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, बचपन से मैंने अपने मन में स्वामी विवेकानंद जी के उन शब्दों को संकल्प के रूप में उतारा है, जो कहते हैं कि, तुम केवल साढ़े तीन हाथ के हाड़-मांस के पुतले नहीं हो, तुम अमृत के पुत्र हो, ईश्वर के अंश हो, अनंत शक्तियों के भंडार हो और अमर आनंद के भागी हो। दुनिया में कोई काम ऐसा नहीं है जो तुम ना कर सको। उन्होंने कहा कि, मनुष्य जैसा सोचता है, वैसा ही बन जाता है। अगर हम ठान लें कि, दुनिया में कोई काम ऐसा नहीं जो मैं न कर सकूं, तो सचमुच हम वैसे ही बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि, हर युवा को अपनी जिंदगी में एक लक्ष्य तय करना चाहिए। अपनी जिंदगी में एक मकसद तय करो। इंजीनियर तो बनोगे ही, लेकिन यह भी तय करो कि किस क्षेत्र में जाकर तुम्हें काम करना है। एक लक्ष्य तय करो, उसका रोडमैप बनाओ, कड़ी मेहनत करो। मेरा दावा है कि तुम दुनिया में चमत्कार कर सकते हो। साधारण जीवन मत जीना।
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