
चंडीगढ़: सैंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवैस्टिगेशन (सीबीआई) ने एक स्थानीय महिला से जुड़े दो साल पुराने मानव तस्करी मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है। सीबीआई ने सैक्टर 32 की एक महिला रिया सोनकर और उसके सहयोगी अजय के खिलाफ थाईलैंड में नौकरी दिलाने के बहाने लोगों की कथित तौर पर म्यांमार में तस्करी करने के आरोप थे। मामले में सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 370(3) (मानव तस्करी) के तहत मामला दर्ज किया।
सीबीआई ने एफआईआर में दावा किया कि कई भारतीय नागरिकों को मानव तस्करों के एक नेटवर्क द्वारा म्यांमार, लाओस और कंबोडिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ग्राहक सहायता और प्रोफाइल/डेटा एंट्री ऑपरेटरों की अच्छी नौकरियों का वादा करके म्यांमार के म्यावड्डी में तस्करी कर लाया गया था। लेकिन गंतव्य स्थान पर पहुंचने के बाद इन लोगों को चीनी और भारतीय आपराधिक गिरोहों द्वारा संचालित साइबर घोटाला केन्द्रों/कंपनियों में उनकी इच्छा के विरुद्ध काम करने के लिए मजबूर किया गया।
अगर कोई अवैध काम करने से इनकार करता था, तो उसे शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं। एफआईआर में दावा किया गया है कि कई पीड़ित अभी भी म्यांमार के म्यावाड्डी में फंसे हुए हैं। सीबीआई के अधिकारियों ने सैक्टर 32 स्थित रिया सोनकर के आवास पर छापा मारा और पूरे घोटाले से संबंधित दस्तावेज और लेनदेन का विवरण बरामद करने का दावा किया। सीबीआई ने एफआईआर में दावा किया है कि रिया ने तीन लोगों के लिए म्यांमार के टिकट और 70 दिनों के लिए वैध बिजनेस वीजा का इंतजाम किया था।
हालांकि, उन्हें शक हुआ और उन्होंने उन लोगों के साथ जाने से इनकार कर दिया जो यंगून हवाई अड्डे पर कंपनी के कार्यालय ले जाने के लिए पहुंचे थे। तीनों पीड़ितों ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया और कंपनी में शामिल न होने का फैसला किया। भारतीय दूतावास ने उन्हें अपने खर्चे पर भारत वापस भेज दिया। जांच के बाद सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। सीबीआई अदालत के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट पर विचार के लिए 28 अक्टूबर की तारीख तय की है।
मेष: दिन शुभ रहेगा...