Delhi AQI : राष्ट्रीय राजधानी में रविवार सुबह भी वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, आईटीओ के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 284 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 0-50 के बीच के एक्यूआई को “अच्छा”, 51-100 के बीच के एक्यूआई को “संतोषजनक”, 101-200 के बीच के एक्यूआई को “मध्यम”, 201-300 के बीच के एक्यूआई को “खराब”, 301-400 के बीच के एक्यूआई को “बेहद खराब” और 401-500 के बीच के एक्यूआई को “गंभीर” श्रेणी में रखा गया है।
#WATCH | The Air Quality Index (AQI) around ITO was recorded at 284, in the ‘Poor’ category, in Delhi this morning as per the Central Pollution Control Board (CPCB). pic.twitter.com/A76EPMeZN1
— ANI (@ANI) October 19, 2025
आसमान रहेगा साफ
रविवार को आसमान साफ रहने की उम्मीद है और आईएमडी के अनुसार तापमान 33 डिग्री सेल्सियस (अधिकतम) और 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
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सांस लेने में तकलीफ :स्थानीय निवासी
दिल्ली के एक स्थानीय निवासी ने कहा कि वायु प्रदूषण के कारण उनके जैसे साइकिल चालकों को सांस लेने में तकलीफ होती है। उन्होंने बताया, “हर साल की तरह, दिल्ली में प्रदूषण बरकरार है, इससे सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है, खासकर मेरे जैसे साइकिल सवारों को। मैंने रोहिणी से 20 किलोमीटर साइकिल चलाई है। मुझे साइनस है, इसलिए मुझे ठीक से सांस लेने में और भी मुश्किल हो रही है। स्कूल और कॉलेज बंद करना अस्थायी उपाय हैं।”
प्रदूषण बढ़ने के कारण
उन्होंने कहा कि हालांकि पटाखे फोड़ने से प्रदूषण बढ़ता है, लेकिन यह मुख्य कारण नहीं है। पंजाब में पराली जलाने, वाहनों से निकलने वाले धुएं जैसे कारकों से प्रदूषण और बढ़ जाता है, और अब, दिवाली के आसपास, पटाखे राजधानी शहर में वायु गुणवत्ता में गिरावट का कारण बनेंगे।
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कृत्रिम बारिश, एक उपाय
उन्होंने कहा, “दिल्ली चारों ओर से भूमि से घिरा हुआ क्षेत्र है, इसलिए यह उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों से प्रदूषण इकट्ठा करता है। इसलिए, हम इससे निपटने के लिए स्मोक टावर लगा सकते हैं और कृत्रिम बारिश करा सकते हैं। इसमें मुख्य योगदान पटाखों का नहीं, बल्कि वाहनों से निकलने वाले धुएं और पराली जलाने का है।
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