Himachal snowfall : हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अपनी ठंडी पहचान फिर से दिखाई है। आपको बता दें कि लाहौल-स्पीति जिले और मनाली के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई है, जिससे न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम परिवर्तन से पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के चेहरे भी खिल उठे हैं, क्योंकि अब उन्हें सर्दियों के पहले पर्यटकों की बढ़ती संख्या की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिले के ऊंचे हिस्सों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। वहीं, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भी हल्की बारिश के आसार हैं। हालांकि, 24 से 28 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे पर्यटन और सामान्य जनजीवन पर राहत मिलने की उम्मीद है।
शिमला मौसम कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के कुछ हिस्सों में बरसात भी हुई। मनाली में 12 मिमी, भरमौर में 11.5 मिमी, केलांग में 6 मिमी, भुंतर में 3.6 मिमी, सेओबाग में 2.4 मिमी, पालमपुर में 2 मिमी और कुकुमसेरी में 1.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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बर्फबारी और ठंड का असर तापमान पर भी दिखाई दिया। लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में रात का न्यूनतम तापमान शून्य से 0.7 डिग्री नीचे रिकॉर्ड किया गया। कुकुमसेरी में तापमान 0.4 डिग्री, केलोंग में 1.8 डिग्री और कल्पा में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि मनाली और लाहौल-स्पीति में बर्फबारी ने सर्दियों के मौसम का आगाज संकेत दिया है। आने वाले दिनों में यह नजारा पर्यटकों को आकर्षित करेगा और स्थानीय व्यवसायियों के लिए अच्छी आमदनी का मौका बनेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की भी अपील की है। ऊंचाई वाले इलाकों में अचानक बर्फबारी और ठंड के कारण सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। लोगों को आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस मौसम बदलाव ने हिमाचलवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए सफेद चादर बिछा दी है, और प्रदेश का पर्वतीय सौंदर्य और भी मनोरम हो गया है।
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