
अनंतनाग: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की एवं सत्र न्यायालय ने एक व्यक्ति को अपनी ही नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। आपको बता दें की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी को अपने जीवन के अंत समय तक जेल में रहना होगा। न्यायालय ने इस जघन्य अपराध को मानवता के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि समाज में एक सशक्त संदेश जाए।
आपको बता दें कि यह मामला वर्ष 2022 का है। आरोपी के खिलाफ महिला थाना, अनंतनाग में एफआईआर नंबर 03/2022 दर्ज की गई थी। उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (दुष्कर्म) और 506 (आपराधिक धमकी) के साथ-साथ POCSO अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
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अदालत ने पीड़िता को न्याय दिलाने के साथ-साथ उसे 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), अनंतनाग के माध्यम से जल्द से जल्द प्रदान की जाएगी। इस मामले में सुनवाई न्यायाधीश ताहिर खुर्शीद रैना की अदालत में हुई, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक अब्दुल रशीद मीर ने पैरवी की।
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न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि यह निर्णय समाज में यह संदेश देगा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का यौन अपराध किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि POCSO अधिनियम बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू हुआ, जिससे ऐसे मामलों में न्याय सुनिश्चित किया जा सका है।
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