चंडीगढ़: राष्ट्रीय भाजपा नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखरी कलां ने कनाडा में दर्शन सिंह साहसी जी, गाँव राजगढ़ (दोराहा) की चौंकाने वाली और नृशंस हत्या पर गहरा आक्रोश और निंदा व्यक्त की और इसे कनाडा सरकार और उसके नेतृत्व के लिए एक चेतावनी बताया।
ग्रेवाल ने कहा कि “कनाडा की धरती पर दर्शन सिंह साहसी जी जैसे ईमानदार और सम्मानित पंजाबी व्यवसायी की निर्मम हत्या न केवल एक हत्या है, बल्कि कनाडा में अराजकता, आतंकवाद और नैतिक पतन की घोषणा है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI), पाकिस्तान (PAK), इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI), सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) और आपराधिक कनाडाई गैंगस्टर गठजोड़ ने अब कनाडा को चरमपंथी हिंसा, रक्तपात और लक्षित हत्याओं का अड्डा बना दिया है।”
उन्होंने कहा कि “आज हम जो देख रहे हैं, वह उस देश में व्यवस्था और न्याय का व्यवस्थित पतन है, जो कभी लोकतंत्र और मानवाधिकारों का रक्षक होने का दावा करता था। कनाडा के प्रधानमंत्री और उनकी सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता ने सहिष्णुता और शालीनता की हर सीमा पार कर दी है। उनकी उदासीनता, सक्रियता के वेश में आतंकवाद का खुला समर्थन बन गई है।”
ग्रेवाल ने बताया कि “दर्शन सिंह साहसी जी की हत्या कोई अकेली हिंसा नहीं है, यह पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा रची और वित्तपोषित एक गहरी साजिश का हिस्सा है, जिसे चरमपंथी खालिस्तानी गिरोहों ने अंजाम दिया है, और कनाडा में सक्रिय छद्म मानवाधिकार संगठनों की राजनीतिक छत्रछाया में इसे संरक्षण प्राप्त है। ये कार्यकर्ता नहीं हैं; ये खून के प्यासे अपराधी और भारत विरोधी एजेंट हैं जो निर्दोष लोगों की जान से खेल रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि “ओटावा की ओर से हर दिन की खामोशी न्याय, मानवता और शांति के मूल विचार का अपमान है। कनाडा, गुरपतवंत सिंह पन्नू और उसके ज़हरीले नेटवर्क एसएफजे जैसे आतंकवादी प्रचारकों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह बन गया है, जो युवाओं का ब्रेनवॉश, हत्यारों का महिमामंडन और भारत के खिलाफ नफरत फैलाते रहते हैं। कनाडा सरकार की निष्क्रियता किसी मिलीभगत से कम नहीं है।”
ग्रेवाल ने घोषणा की कि “दर्शन सिंह साहसी जी, जिनका जन्म पंजाब में दोराहा के पास मेरे पड़ोसी गाँव राजगढ़ में हुआ था, कड़ी मेहनत, करुणा और सामुदायिक सेवा के प्रतीक थे। उन्होंने मेपल रिज में एक सफल वस्त्र-रीसाइक्लिंग व्यवसाय स्थापित किया, रोज़गार के अवसर पैदा किए, धर्मार्थ कार्यों का समर्थन किया और समुदायों को एकजुट किया। ऐसे नेक इंसान को अपने ही घर के सामने जानवरों की तरह कत्ल होते देखना बेहद भयावह है। यह अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं, बल्कि फाँसी की आज़ादी है।”
उन्होंने कहा कि “पाकिस्तानी आईएसआई और सीमा पार उसके कठपुतले अलगाववाद के झूठे झंडे तले आतंक का निर्यात कर रहे हैं और कनाडा की धरती को अपना अड्डा बना रहे हैं। उनके फंडिंग नेटवर्क, दुष्प्रचार के कारखाने और सोशल मीडिया पर हेरफेर करने वाले जगजाहिर हैं, फिर भी कनाडाई अधिकारी आँखें मूंद लेते हैं। दुनिया देख रही है और इतिहास आतंकवाद के प्रति इस ख़तरनाक सहिष्णुता को याद रखेगा।”
ग्रेवाल ने ज़ोर देकर कहा कि “भारत को हर वैश्विक मंच पर इस मुद्दे को ज़ोरदार तरीक़े से उठाना चाहिए। दर्शन सिंह साहसी जी के लिए न्याय सिर्फ़ एक व्यक्ति या एक समुदाय के लिए न्याय नहीं है, बल्कि यह मानवता के लिए न्याय है। कनाडा को उन लोगों के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए जो एनजीओ और फ़र्ज़ी ‘अधिकार’ संगठनों के पीछे छिपे आतंकवादियों और हत्यारों को वित्तपोषित, महिमामंडित और आश्रय दे रहे हैं।”
ग्रेवाल ने कहा कि “अब बहुत हो गया। राजनीतिक बहानों से निर्दोषों का खून नहीं धोया जा सकता। कूटनीतिक विनम्रता का समय बीत चुका है। कनाडा को या तो लोकतंत्र और न्याय के साथ खड़ा होना होगा या हत्यारों, चरमपंथियों और देशद्रोहियों की शरणस्थली बने रहना होगा।”
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