Last Updated: November 5, 2026

Dainik Savera Times Logo

वैज्ञानिकों ने बना डाली नकली जीभ, सेकंडों में बता देगी कितना है मिर्च-मसाला

October 30, 2025

वैज्ञानिकों ने बना डाली नकली जीभ, सेकंडों में बता देगी कितना है मिर्च-मसाला

अजब-गजब: विज्ञान लगातार तरक्की कर रहा है और हर दिन कुछ न कुछ नया आविष्कार सामने आ रहा है, जो इंसान की जिंदगी को आसान बना रहा है। अब वैज्ञानिकों ने ऐसा ही एक अनोखा और काम का आविष्कार किया है। वैज्ञानिकों ने एक नकली जीभ बना दी है, जो खाने में मौजूद तीखेपन को पहचान सकती है।

कुछ सेकंड में बताएगी खाना कितना तीखा है

चीन के वैज्ञानिकों ने इस कृत्रिम जीभ (Artificial Tongue) को तैयार किया है। यह तकनीक कुछ ही सेकंड में बता देती है कि किसी खाने में मिर्च या मसाले कितने तेज हैं। यह खास तौर पर उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित हो सकती है, जो मिर्च के प्रति संवेदनशील हैं या जिनकी स्वाद पहचानने की क्षमता (Taste Sensitivity) कम हो गई है।वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में यह तकनीक रोबोट्स, फूड टेस्टिंग डिवाइस और स्वाद संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बहुत उपयोगी होगी।

ये भी पढ़ें: मां का दूध पिया है तो भारत आओ… विदेशों में छिपे बैठे गैंगस्टर्स को हरियाणा DGP की खुली चुनौती

दूध से मिली प्रेरणा

शोध टीम के प्रमुख वेजुन डेंग (Weijun Deng) ने बताया कि इस कृत्रिम जीभ का डिज़ाइन दूध में पाए जाने वाले केसिन प्रोटीन से प्रेरित है। केसिन वही प्रोटीन है, जो मिर्च में मौजूद कैप्साइसिन (Capsaicin) यानी तीखापन पैदा करने वाले तत्व को निष्क्रिय कर देता है। इसी वजह से जब किसी को बहुत मिर्च लगती है, तो दूध पीने से राहत मिलती है। इसी सिद्धांत को आधार बनाकर यह नई ‘आर्टिफिशियल टंग’ तैयार की गई है।

ऐसे बनाई गई नकली जीभ

वैज्ञानिकों ने एक्रिलिक एसिड, कोलीन क्लोराइड और स्किम्ड मिल्क पाउडर को मिलाकर एक जेल जैसा पारदर्शी पतला फिल्म तैयार किया। इसे यूवी लाइट (UV light) में रखने के बाद यह पदार्थ लचीला और हल्का अपारदर्शी बन गया। इस जेल में बिजली प्रवाहित करने की क्षमता होती है, जब यह किसी तीखे तत्व या मिर्च के संपर्क में आता है, तो इसमें बहने वाली विद्युत धारा में बदलाव होता है। यही बदलाव इस कृत्रिम जीभ को बताता है कि खाना कितना तीखा या मसालेदार है।

10 सेकंड में नतीजा

शोधकर्ताओं ने इस तकनीक का परीक्षण 8 प्रकार की मिर्चों और 8 तरह के तीखे व्यंजनों जैसे हॉट सॉस आदि पर किया। परिणामों में देखा गया कि कैप्साइसिन को फिल्म पर डालने के सिर्फ 10 सेकंड बाद ही विद्युत धारा में कमी आ गई, जिससे यह साबित हुआ कि यह फिल्म तीखापन पहचानने में सक्षम है। यह ‘आर्टिफिशियल टंग’ न सिर्फ हल्का तीखापन बल्कि इतना ज्यादा तीखापन भी पहचान सकती है, जो इंसान के लिए महसूस करना मुश्किल या दर्दनाक होता है।

भविष्य में होगा बड़ा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक आगे चलकर फूड इंडस्ट्री, होटल्स और हेल्थ सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। अब खाना चखने या उसकी गुणवत्ता जांचने के लिए इंसान की जरूरत नहीं होगी। यह ‘नकली जीभ’ सब कुछ खुद बता देगी।

VD : बीबी मोहिंदर कौर ने बताई कंगना रनौत बठिंडा आने की असली वजह

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें